जनता मार्किट का शौचालय पहुंच चुका है जर्जर अवस्था में
नगर निगम प्रशासन नहीं दे रहा है ध्यान, दुकानदार हैं परेशान

गुडग़ांव (अशोक): नगर निगम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में
करोड़ों रुपए की लागत से विकास कार्य कराने में जुटा है। इन विकास
कार्यों को नगर निगम के विभिन्न वार्डों के निगम पार्षद अपनी देखरेख में
करा रहे हैं ताकि क्षेत्र में विकास कार्यो की कोई कमी न रहे और इनका लाभ
क्षेत्रवासियों को मिल सके। नगर निगम की महापौर ने भी शहरवासियों को
आश्वस्त किया है कि करोड़ों रुपए की लागत से नगर निगम क्षेत्र में विकास
कार्य कराए जा रहे हैं लेकिन नगर निगम सार्वजनिक सुविधाओं की ओर कोई
विशेष ध्यान नहीं दे रही है जिसका खामियाजा शहरवासियों को उठाना पड़ रहा
है। प्रधान डाकघर के पीछे स्थापित जनता मार्किट के दुकानदारों में विकास
कार्यों को लेकर नगर निगम के प्रति बड़ा रोष है। जनता मार्किट एसोसिएशन
के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल रोहिल्ला का कहना है कि जनता मार्किट में
जनसुविधाओं के नाम पर शौचालय अवश्य बनाया गया है, लेकिन रखरखाव के अभाव
में यह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। दुकानदार व एसोसिएशन समय-समय पर
इसकी मरम्मत आदि अवश्य कराती रही हैं। शौचालय की छत के सरिये सीमेंट छोड़
चुके हैं। गंदगी का अंबार लगा है। शौचालय में पानी आदि की भी पर्याप्त
सुविधा नहीं है। कभी भी शौचालय की छत गिर सकती है जिससे कोई भयंकर
दुर्घटना भी घटित हो सकती है। इस सबकी शिकायत नगर निगम आयुक्त महापौर
क्षेत्र के निगम पार्षद व जिला प्रशासनिक अधिकारियों को भी की जा चुकी
है। लेकिन आश्वासन के सिवाय उन्हें आज तक कुछ भी नहीं मिला है। विकास के
नाम पर महज खाना पूर्ति ही की जा रही है। उनका आरोप है कि योजनाएं कागजों
पर बनाई जाती रही हैं। धरातल पर कुछ भी नहीं है। स्वच्छ भारत अभियान को
सफल बनाने के लिए नगर निगम करोड़ों खर्च कर रही है। लेकिन मार्किट में दी
गई जनसुविधाओं को सुलभ बनाने के लिए नगर निगम का कोई भी ध्यान नहीं है।
मार्किट में खरीददारी के लिए जो ग्राहक आते हैं, वे भी शौचालय की हालत
देखकर हत्प्रभ रह जाते हैं कि मिलेनियम सिटी के बाजार के शौचालय का यह
क्या हाल बना हुआ है। उन्होंने निगमायुक्त व निगम महापौर से पुन: आग्रह
किया है कि खस्ता हाल पड़े इस शौचालय का जीर्णोद्धार कराया जाए ताकि कोई
भयंकर दुर्घटना घटित न हो सके।




