छपरौली जैन मंदिर में प्रतिमा, वेदी व सिंहासन की सफाई कि गई
कस्बे में स्थित श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख दशलक्षण धर्म आठ सितंबर से प्रारंभ हो रहा है।

छपरौली। कस्बे में स्थित श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख दशलक्षण धर्म आठ सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। जैन समाज के लोगों द्वारा 10 दिवसीय पर्युषण पर्व की तैयारी की जा रही है। जैन मंदिरों को रंग बिरंगी लाईटों से सजाया जा रहा है।
रविवार को वेदी में विराजमान जैन प्रतिमाओं का मार्जन, सफाई की गई है। जैन मंदिर के मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ व महावीर स्वामी के समवशरण वेदी एवं सिंहासन की सफाई तथा समूह शरण में विराजमान प्रतिमाओं का मार्जन कर पर्युषण पर्व की तैयारी प्रारंभ की गई। इस वर्ष पर्युषण पर्व के 10 दिनों तक सुबह एवं रात्रि में धर्म की प्रभावना बढ़ाने के लिए यशधुवारां मध्य प्रदेश के श्रवण संस्थान से पंडित अभिषेक जैन शास्त्री को बुलाया गया है। 08 सितंबर को प्रातः ध्वजारोहण के साथ ही 10 दिवसीय पर्युषण पर्व का शुभारंभ होगा। पर्युषण पर्व के प्रथम दिन ध्वजारोहण के पश्चात अभिषेक, शांतिधारा, आरती एवं प्रतिदिन 11 बजे तक दशलक्षण पूजन एवं विधान संपन्न होंगे। दशलक्षण पर्व आठ सितंबर से 17 सितंबर तक बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा व 17 व 18 सितंबर को श्रीजी की रथ यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें भारत के प्रसिद्ध बैंड व झांकियां यात्रा का आकर्षण का केंद्र बनेगी। इस अवसर पर मुख्य संयोजक डॉ सुरेंद्र जैन, ब्रह्मचारी गौरव भैया, सुनील जैन, जिनेंद्र जैन, प्रदुमन जैन, पुरुषोत्तम दास जैन, अजय जैन, राजीव जैन सर्राफ, राजेश जैन, मोनू जैन, मनोज जैन, भुनेंद्र जैन, राहुल जैन ,सचिन जैन, प्रिंस जैन, ऋषभ जैन, आदि लोग मौजूद रहे।


