देश

ग्रेटर नोएडा: किसानों की महापंचायत में गरजे राकेश टिकैत; 64.7% अतिरिक्त मुआवजे और 70% रोजगार की मांग, बड़े आंदोलन की चेतावनी

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के जीरो प्वाइंट पर किसानों की एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में किसान एकत्रित हुए। इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे। किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की जायज मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। राकेश टिकैत ने कहा कि ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण और आसपास के क्षेत्रों में जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है, उन्हें 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह किसानों का अधिकार है और इसे किसी भी हालत में टाला नहीं जा सकता। टिकैत ने कहा कि प्राधिकरण किसानों की जमीन तो ले लेते हैं, लेकिन मुआवजे के नाम पर उनके साथ अन्याय किया जाता है। उन्होंने सर्किल रेट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान सर्किल रेट बहुत कम है, जबकि जमीन की वास्तविक बाजार कीमत कहीं अधिक है। ऐसे में सर्किल रेट में तत्काल बढ़ोतरी की जानी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिल सके। महापंचायत में राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि वे किसानों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत करेंगे। यदि बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि जिन किसानों ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है, उन्हें रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। टिकैत ने मांग की कि एयरपोर्ट परियोजना में किसानों और उनके परिवारों को कम से कम 70 प्रतिशत रोजगार हिस्सेदारी दी जाए। अरावली हिल्स के मुद्दे पर बोलते हुए राकेश टिकैत ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अरावली हमारी प्राकृतिक धरोहर है और इसे किसी भी हाल में टूटने या नष्ट होने नहीं दिया जाएगा। अगर कोई अरावली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो किसान उसका विरोध करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो किसान प्रदर्शन करेंगे और मौके पर जाकर धरना भी देंगे। महापंचायत के दौरान किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया और सरकार से जल्द से जल्द मांगें पूरी करने की अपील की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन किसानों ने साफ कर दिया कि यदि उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button