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गाेलीबारी कर 50 लाख की रंगदारी मांगने वाला ‘गोगी गैंग’ का गुर्गा गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने गाेलीबारी कर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान मौजपुर निवासी अंकुश चोपड़ा उर्फ सचिन (25) के रूप में हुई है। वह वर्ष 2023 से फरार चल रहा था और अदालत ने उसे पिछले साल 30 जून को भगाेड़ा घोषित कर दिया था।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त आदित्य गाैतम ने शुक्रवार काे बताया कि 30 नवंबर 2023 को वजीराबाद थाना क्षेत्र में एक कारोबारी के घर पर गाेलीबारी की सूचना मिली थी। बाइक पर सवार बदमाशाें ने घर के बाहर गोली चलाई और मौके पर ‘गोगी गैंग’ के नाम से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाली पर्ची फेंककर फरार हो गए। वजीराबाद थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। मामले काे गंभीरता से लेते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो नाबालिगों को पकड़ा गया था और छह अन्य आरोपिताें को गिरफ्तार किया गया। हालांकि अंकुश चोपड़ा लगातार फरार चल रहा था। इस बीच एसीपी रमेश चंदर लांबा की निगरानी में इंस्पेक्टर सतेंदर पूनिया, इंस्पेक्टर सोहन लाल व अन्य टीम ने गुप्त सूचना पर मौजपुर के शास्त्री मार्ग इलाके में छापेमारी कर आरोपित अंकुश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सह-आरोपित मनीष उर्फ सनी काकरान और मनमोहन उर्फ गौरव, जो उस समय तिहाड़ जेल में बंद थे, उन्होंने नाबालिग साथियों के जरिए फायरिंग और रंगदारी की साजिश रची थी। जेल में बंद आरोपिताें के संपर्क के लिए जिस सिम कार्ड का इस्तेमाल हुआ, वह अंकुश चोपड़ा के नाम पर पंजीकृत था।

पुलिस के अनुसार, अंकुश ने सिम कार्ड अपने साथियों को दिया था, जिसे बाद में जेल में बंद आरोपिताें तक पहुंचाया गया। घटना के बाद से वह गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था।पुलिस उपायुक्त के अनुसार पकड़ा गया आरोपित आठवीं तक पढ़ा है और उसके खिलाफ जाफराबाद थाने में आर्म्स एक्ट व अन्य धाराओं में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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