छपरौली। राष्ट्रीय सहकारी संघ के तत्त्वाधान में जन विजय इंटर कॉलेज छपरौली में खेल समापन एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि इफको निर्देशक भूदेव, विशिष्ट अतिथि डॉ नमिता जैन एवं कॉलेज प्रधानाचार्य कुशलवीर सिंह राष्ट्रीय सहकारी संघ परियोजना अधिकारी मनीष जी एवं सहायक परियोजना अधिकारी बृजेश ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया। कॉलेज में विभिन्न प्रकार के खेल लंबी दौड़, ऊंची कूद, खो-खो, कबड्डी, रंगोली प्रतियोगिता,पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई । जिसमे कॉलेज के सभी छात्र छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और सभी की प्रतिभागिता लेने में कॉलेज प्रधानाचार्य का सराहनीय योगदान रहा। साथ ही शिक्षक शिक्षिकाओं ने भी सभी छात्र छात्राओं का मनोबल बढ़ाया, ताकि सभी विद्यार्थी खेल में प्रतिभाग कर सके और जीवन में खेल का क्या महत्व है इसे भी जान सके। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इफको निर्देशक भूदेव ने बताया कि खेल हमारे जीवन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है, इससे हम शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वथ्य रहते है। खेल खेलने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है। खेल बच्चों को अनुशासन एवं धैर्य का गुण प्रदान करता है। डॉ नमिता जैन ने बताया कि आज खेल को करियर के रूप में भी चुना जा रहा है। प्राचीन समय में खेल खेलना समय की बर्बादी माना जाता था। प्राचीन समय में एक कहावत काफी प्रसिद्ध थी कि पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब। परंतु बदलते समय के साथ यह साबित हो गया कि खेल मनुष्य के विकास में बाधक नहीं वरन् सहायक हैं। आज सरकारी व निजी दोनों क्षेत्रों में खिलाड़ियों के लिये नौकरियाँ पाने के कई अवसर है। इसे देखते हुए अब कहा जा सकता है कि खेलोगे-कूदोगे तो होगे नवाब। साथ ही खेल का महत्व को समझाते हुए छात्र छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कॉलेज प्रधानाचार्य कुशालवीर ने बताया कि नाम, प्रसिद्धी, और पैसा प्राप्त करने के लिए जैसे शिक्षा बहुत आवश्यक है। ठीक उसी प्रकार से, स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क प्राप्त करने के लिए, सभी को किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि में शामिल अवश्य होना चाहिए, जिसके लिए खेल सबसे अच्छा तरीका है। मनीष जी ने बताया कि हमारे जीवन में खेल का भी महत्वपूर्ण स्थान है, और इस क्षेत्र में भी रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैऔर यह भी कहा की एक खेल में सबसे जरूरी जीतना नहीं बल्कि उसमे हिस्सा लेना महत्वपूर्ण है। बृजेश ने बताया कि बच्चे हो या बड़े सभी को खेल पसंद आता है। हम सभी अपने बचपन से ही खेल खेलते हुए बड़े होते हैं और हमारे जीवन में भी खेल का बहुत ही महत्व होता है। खेल और शिक्षा का समन्वय बना कर चलने वाले लोग हमेशा सफ़ल और स्वस्थ होते हैं। डॉ पंकज मिश्र ने बताया की हमारे भीतर एकता का भाव होना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि हमें जगह जगह सौ गड्ढे न खोदकर एक जगह ही गड्ढा खोदे तो वह हमारी शक्ति को दर्शाता है और उसका फल भी हमे प्राप्त होता है और यह कहा की खेलकूद को न जाना भूल यही है स्वस्थ जीवन का मूल। कार्यक्रम संचालक दीपेंद्र ने आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और सबका आभार व्यक्त किया। साथ ही आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम सुखदेव ग्रुप, द्वितीय भगत सिंह ग्रुप और तृतीय सुभाष ग्रुप को पुरूस्कार वितरण भी किया गया। और यही सभी छात्र छात्राओं को यही संदेश दिया।
सहयोगी शिक्षक कपिलदेव, सन्दीप, मुकेश, हरिश्चंद्र, प्रमोद, संजीव, प्रदीप आदि रहे। कुछ बच्चे जिनका विशेष योगदान रहा काजल, पायल, सानिया, आरजू, वर्षा, सूरज, हिना, नेहा, शिखा आदि उपस्थित रहे।


