देश

कोहरे और प्रदूषण की दोहरी मार: उत्तर भारत में जनजीवन अस्त-व्यस्त, 50 से अधिक ट्रेनें और दर्जनों उड़ानें प्रभावित

नई दिल्ली। उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में रविवार सुबह घना कोहरा छाए रहने के कारण फ्लाइट और रेल सेवाएं बाधित हुईं। कई राज्यों में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बहुत कम हो गई, जिससे सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह के लिए येलो अलर्ट जारी किया था, जिसमें पूरे इलाके में घने कोहरे और शीतलहर जैसी स्थितियों की चेतावनी दी गई थी। साथ ही, दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी रविवार सुबह ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में दर्ज की गई। प्रदूषण और कोहरे के मिले-जुले असर से विजिबिलिटी और कम हो गई, जिससे यात्रा में और भी दिक्कतें आईं। रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं, कई ट्रेनें कई घंटे देरी से चल रही थीं और कुछ को डायवर्ट किया गया। दिल्ली समेत कई शहरों में फ्लाइट्स लेट हुईं, जबकि कैंसिलेशन की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पूरे उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण चार दर्जन से ज्यादा ट्रेनें देरी से चल रही हैं। एतिहात के तौर पर ट्रेनों की स्पीड कम कर दी गई है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा प्रभावित ट्रेनों में प्रयागराज एक्सप्रेस करीब पांच घंटे, रीवा-आनंद विहार एक्सप्रेस करीब नौ घंटे और नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस करीब चार घंटे लेट थी। ब्रह्मपुत्र मेल लगभग 45 मिनट लेट थी, जबकि महाबोधि एक्सप्रेस और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस चार से पांच घंटे लेट चल रही थीं। इसके अलावा, कई दूसरी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी लेट चल रही थीं। खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी साफ दिख रहा था। स्पाइसजेट, एयर इंडिया और इंडिगो समेत कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की, जिसमें उन्हें संभावित देरी के बारे में सावधान किया गया। एयरलाइंस और रेलवे अधिकारियों दोनों ने यात्रियों से स्टेशनों या एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट और ट्रेनों का स्टेटस चेक करने का आग्रह किया। दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने भी चेतावनी दी कि कम विजिबिलिटी की स्थिति के कारण फ्लाइट शेड्यूल बदल सकता है। दिल्ली एयरपोर्ट पर दस से ज्यादा फ्लाइट्स देरी से चल रही थीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button