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केंद्रीय बजट 2026: विपक्ष बोला–आंकड़ों में उलझी सरकार, जमीन पर बदलाव नदारद

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्षी दलों ने इस बजट को लेकर आम जनता के लिए खास राहत की उम्मीद कम जताई है और सरकार पर लोगों की बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने आईएएनएस से कहा कि अगर हर साल की तरह इस बार भी जनता को सिर्फ आंकड़ों के जाल में उलझाया गया, तो यह बजट एक बार फिर असफल साबित होगा। उन्होंने कहा, “देश की स्थिति अब बदल चुकी है और लोगों को केवल आंकड़े नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव चाहिए।” सपा सांसद आनंद भदौरिया ने आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि आज भी आम आदमी के लिए बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई बीमार हो जाए, खासकर बिहार जैसे राज्यों में, तो सरकारी अस्पतालों में ठीक से इलाज नहीं मिल पाता। बच्चों को सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा नहीं मिल रही है। किसान और नौजवानों की हालत आज भी जस की तस है। ऐसे में बजट से क्या बदलने वाला है? समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने भी बजट को लेकर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है और आम जनता के लिए इसमें कुछ भी खास नजर नहीं आता। आम लोगों के लिए कुछ नहीं है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बजट को लेकर अधिक उम्मीदें नहीं जताईं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बार के बजट से बहुत ज्यादा आशा नहीं है। एक ओर विपक्ष बजट 2026 को लेकर सरकार के दावों से संतुष्ट नहीं है। वहीं, दूसरी ओर पक्ष के नेताओं ने इस बार के केंद्रीय आम बजट को हर एक वर्ग के लिए बेहद खास बताया है। इसके साथ ही इस बजट को विकसित भारत की दिशा में अग्रणी कदम भी बताया है।

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