कुनो में एशियाई शेरो की आगे नहीं किए जाने का बयान निंदनीय: अतुल
मध्यप्रदेश के कुनो संघर्ष समिति प्रमुख एवं श्योपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अतुल चौहान ने गुजरात के गिर अभयारण्य से कुनो राष्ट्रीय उद्यान में एशियाई शेरो की बसावट आगे नही किए जाने के बयान को निंदनीय और कुनो के विस्थापितों सहित श्योपुर सहित प्रदेश के विपरीत बताया।

श्योपुर। मध्यप्रदेश के कुनो संघर्ष समिति प्रमुख एवं श्योपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अतुल चौहान ने गुजरात के गिर अभयारण्य से कुनो राष्ट्रीय उद्यान में एशियाई शेरो की बसावट आगे नही किए जाने के बयान को निंदनीय और कुनो के विस्थापितों सहित श्योपुर सहित प्रदेश के विपरीत बताया।
कुनो आंदोलन संघर्ष समिति प्रमुख श्री चौहान ने केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के कुनो में एशियाई शेरो की बसावट नही करने और इसे केवल गुजरात में ही रखने के बयान को उनकी राजनीतिक अक्षमता और देश के पर्यावरण विशेषज्ञों के विपरीत बताते हुए देश के उच्चतम न्यायालय की अवमानना भी बताया।
श्री चौहान ने कहा की वर्ष 1995 में श्योपुर के कुनो अभ्यारण की स्थापना और उसमे 24 गांवो के 1545 परिवारों का विस्थापन गिर अभयारण्य गुजरात के एशियाई शेरो को देश में दूसरा घर देने के लिए केंद्र, मध्यप्रदेश, गुजरात सरकार सहित देहरादून वन्य जीव वैज्ञानिकों की राय पर किया गया था।
उन्होंने कहा की चीता प्रोजेक्ट और एशियाई शेरो की कुनो राष्ट्रीय उद्यान में बसावट अलग अलग विषय है। श्री चौहान ने कहा की चीता प्रोजेक्ट नामीबिया और अफ्रीका से कांग्रेस की मनमोहन सिंह सरकार के समय वर्ष 2010 में ही बन गया था और इसके लिए फंड भी जारी हो गया था जो इस वर्ष चीतों की बसावट से शुरू हुआ है। उन्होंने कहा की अगर केंद्र की भाजपा और प्रदेश और गुजरात सरकार ने इस पर्यटन विकास की परियोजना को रोकने का प्रयास किया तो कुनो संघर्ष समिति श्योपुर में आंदोलनात्मक रुख अपनाएगी।



