कानपुर कांड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक,राजभवन में प्रदर्शन से पहले पुलिस ने रोका

कानपुर देहात। कानपुर देहात में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जलकर मरी मां-बेटी का बुधवार को बिठूर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान गांव से लेकर घाट तक पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। इस बीच मां- बेटी की मौत को लेकर यूपी की सियासत गर्म हो गई है। कांग्रेसी नेताओं कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग करके उन्हें रोक दिया।

कांग्रेस प्रदेश कार्यालय से राजभवन जा रहे कांग्रेसी नेताओं कार्यकर्ताओं को पुलिस ने राजभवन पहुंचने से पहले ही प्रदेश कार्यालय के थोड़ी ही दूर पर बैरिकेडिंग करके रोक लिया और राजभवन नहीं जाने दिया …जिसके बाद कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे और धरने पर बैठ गए साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े रहे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी और प्रांतीय अध्यक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि बुलडोजर लेकर अतिक्रमण हटाने गए प्रशासन के लोगों ने मां बेटी को जिंदा जला दिया और अब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं है।
वहीं मायावती ने भी पूरी घटना में सिस्टम से नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि लोगों की अब बुलडोजर राजनीति से जान जा रही है। BJP को अपना रवैया बदलना होगा। घटना को दुखद और निंदनीय बताते हुए सरकार को जनहित विरोधी रवैया बदलने की नसीहत दी है। कहा कि यूपी सरकार के विज्ञापित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से ज्यादा कानपुर देहात में मां-बेटी की मौत का मामला चर्चा में है। बसपा प्रमुख ने कहा कि देश व खासकर उत्तर प्रदेश में गरीबों की कोई सुनवाई नहीं है।



