कर्मफल भोगने के लिए जीव और ब्रह्म सभी विवश, शिव आराधन , जप व तप से अनिष्ट की आशंका खत्म : कथा व्यास

बड़ौत | कर्म का फल मिलना सुनिश्चित है | कर्म फल से ब्रह्मा भी नहीं बचे, इस विषय में सांसारिक जीव की क्या सामर्थ्य , लेकिन शिव के आराधन और जप तप से तमाम तरह के अनिष्ट की संभावनाएं क्षीण हो जाती हैं और भविष्य सुखदायी फलीभूत हो जाता है | उक्त भावभरे संदेश की अमृत वर्षा बिहार से पधारे प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य दिनेश पांडे ने शिव महापुराण की कथामृत के दौरान श्रद्धालुओं के ऊपर की |शिव महापुराण कथा के आठवें दिन सुबह का पंचांग पीठ पूजन रुद्राभिषेक कमल कांत भारद्वाज देवेंद्र शर्मा जोहडी द्वारा किया गया | शाम को व्यासपीठ पूजन उपरांत कथा का प्रारंभ करते हुए कथा व्यास आचार्य दिनेश पांडे द्वारा बताया गया कि, जीव हो या ब्रह्म सभी को अपने कर्मों के अनुसार फल प्राप्त होता है | श्रावण मास में भगवान शिव की उपासना एवं शिव पुराण कथा श्रवण कर हम अपने पापों को काट सकते हैं | इस संबंध में उन्होंने सती जन्म की कथा सुनाई और बताया कि, भाविऊ मेटि सकहिं त्रिपुरारी, अर्थात् भविष्य के अनिष्ट को मेटने की सामर्थ्य केवल महादेव शिव में है |इस अवसर पर श्री हरि राम भजन संध्या संकीर्तन मंडली के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता मंत्री मनोज विश्नोई एवं कार्यकारिणी के सदस्यों ने व्यास जी को सम्मान प्रतीक चिह्न भेंट किया | इस अवसर कथा श्रवण में विद्या सुनीता पूनम सुनील मित्तल मोहन राजेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे, संस्था के सचिव डॉ दीपक गौतम द्वारा संचालन किया गया |




