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ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है… CDS चौहान का दो टूक, शांति चाहिए तो युद्ध के लिए तैयार रहो

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि भारत शांति के पक्ष में है, लेकिन उन्होंने इसे शांतिवाद समझने की भूल न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि शक्ति के बिना शांति काल्पनिक है। महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में दो दिवसीय ‘रण संवाद’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान को परोक्ष चेतावनी देते हुए कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य प्रतिक्रिया ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।

अनिल चौहान ने सम्मेलन में कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है। हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन गलतफहमी में न रहें, हम शांतिवादी नहीं हो सकते। मेरा मानना ​​है कि शक्ति के बिना शांति एक काल्पनिक कल्पना है। मैं एक लैटिन उद्धरण कहना चाहूँगा जिसका अनुवाद है, ‘अगर आप शांति चाहते हैं, तो युद्ध के लिए तैयार रहें’। 26-27 अगस्त को आयोजित होने वाले इस सेमिनार में सेवारत सैन्य पेशेवरों को रणनीतिक वार्ता के अग्रभाग में लाया जाएगा और अंतिम दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूर्ण संबोधन देंगे।

भारत के हालिया सैन्य अभियानों का ज़िक्र करते हुए जनरल चौहान ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर एक आधुनिक संघर्ष था जिससे हमने कई सबक सीखे हैं, और उनमें से ज़्यादातर पर काम चल रहा है, कुछ पर काम हो भी चुका है। ऑपरेशन अभी भी जारी है। हम यहाँ ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने नहीं आए हैं। हम यहाँ ऑपरेशन सिंदूर से आगे की किसी और बात पर चर्चा करने आए हैं।” सीडीएस ने चार प्रमुख प्रवृत्तियों पर प्रकाश डाला, जिनके बारे में उनका मानना ​​है कि वे भविष्य के संघर्षों को परिभाषित करेंगी।

उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह विशेष संगोष्ठी, तकनीक के अलावा, भविष्य में किस प्रकार के युद्ध होंगे और उनकी पृष्ठभूमि क्या होगी, इस पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि मेरे विचार से, चार आवश्यक प्रवृत्तियाँ हैं जिनकी मैं भविष्यवाणी करता हूँ। पहली, राष्ट्रों और सरकारों में बल प्रयोग की प्रवृत्ति बढ़ रही है, और ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि आज राजनीतिक उद्देश्य अल्पकालिक संघर्षों से प्राप्त किए जा सकते हैं।

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