एमडीए का अवैध कालोनियों पर चला बुल्डोजर

मुजफ्फरनगर। एमडीए ने हाइवे पर बझेडी गांव के रकबे में साढे़ बाईस बीघा जमीन पर खडी की गई तीन इमारतों को ध्वस्त कर दिया। सड़क और प्लाटिंग की दीवारों को भी ढहा दिया गया। पचेंडा रोड पर साढे़ सात बीघा जमीन पर हो रही प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। एमडीए के सचिव महेंद्र प्रसाद और एसडीएम सदर परमानंद झा ने बताया कि हाइवे पर बझेडी गांव के रकबे खसरा नंबर 516 में 15 हजार 325 वर्ग मीटर में लगभग छह माह से प्लाटिंग हो रही थी। जमीन पर तीन जगह निर्माण भी किए गए थे। यह जमीन दिल्ली के हरिओम पाठक के नाम है। बझेडी गांव और शहर के कुछ लोग पाठक की सहमति के बाद इस पर प्लाटिंग कर रहे थे। एमडीए की तीन जेसीबी एक साथ पहुंची और प्लाटिंग के लिए की गई दीवारों, तैयार किए गए कमरो, बनाई गई सड़क को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों की मौजूदगी में यहां एक घंटे तक अभियान चला। एमडीए के एई, जेई और तहसील के लेखपाल, कानूनगो भी पुलिस के साथ मौजूद रहे। एमडीए सचिव महेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अन्य कार्रवाई भी की जा रही है। बिना नक्शा पास कराए प्लाटिंग कराना गैर कानूनी है। इसी के साथ अधिकारियों ने पचेंडा रोड पर साढे़ सात बीघा जमीन पर हो रही प्लाटिंग को ध्वस्त किया। यह जमीन मुस्तफाबाद के रकबे में खसरा नंबर 125/7 में है और वीरेंद्र के नाम है। यहां भी काफी देर तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चली। कुछ ही देर में सड़क, प्लाटिंग और बनाए गए कमरे को ध्वस्त कर दिया। आठ कालोनियों पर कार्रवाई की तैयारी एमडीए सचिव महेंद्र प्रसाद ने बताया कि बिना नक्शा पास कराए अवैध प्लाटिंग के मामले में आठ अन्य कालोनियों पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी है। एमडीए का अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध कालोनियों पर अब तक चुप्पी पर सवाल शहर के चारो तरफ सैकड़ों अवैध कालोनियों ने तैयार हो रही है। जिन दो कालोनियों पर कार्रवाई हुई, ये छह माह पहले से तैयार थी। इससे पहले एमडीए चुप क्यों था।




