
तेहरान: ईरान के शीर्ष नेतृत्व को लेकर जारी अनिश्चितता और कयासों पर आज विराम लग गया है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई को ईरान का नया ‘सुप्रीम लीडर’ (सर्वोच्च नेता) चुन लिया गया है। तेहरान में तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यह फैसला लिया गया, जिसके बाद मुज्तबा ने अब औपचारिक रूप से देश की कमान संभाल ली है।
सरकारी मीडिया और आईआरजीसी (IRGC) से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति की प्रक्रिया को रविवार सुबह तक पूरा कर लिया गया। मुज्तबा खामेनेई, जो अपने पिता के बेहद करीबी सलाहकार और मध्यम स्तर के धर्मगुरु रहे हैं, को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का पूरा समर्थन प्राप्त है। उनकी नियुक्ति को ईरान की सत्ता की निरंतरता और कट्टरपंथी विचारधारा को बनाए रखने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान किया गया है। राजधानी तेहरान समेत देश के सभी प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। मुज्तबा खामेनेई के सामने अब न केवल घरेलू विद्रोह और विरोध प्रदर्शनों को संभालने की चुनौती होगी, बल्कि अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभाव को बचाए रखना भी उनकी पहली प्राथमिकता होगी।

पूरी दुनिया अब मुज्तबा खामेनेई के पहले आधिकारिक संबोधन का इंतजार कर रही है, जिससे ईरान की भावी विदेश नीति और इजरायल-अमेरिका के प्रति उनके रुख का संकेत मिलेगा। जानकारों का मानना है कि मुज्तबा का कार्यकाल ईरान के इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में से एक होने वाला है, क्योंकि नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब समूचा मध्य पूर्व युद्ध की कगार पर खड़ा है।



