uttar pradesh
Trending

आचार संहिता उल्लंघन के दो मुकदमों में राज्यमंत्री संजय गंगवार को सजा

अदालत ने गंगवार को एक अन्य मामले में दोषमुक्त कर दिया है। आचार संहिता के उल्लंघन के दो अलग-अलग मुकदमों में सजा सुनाए जाने के साथ ही अदालत में मौजूद राज्य मंत्री गंगवार को हिरासत में ले लिया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना एवं चीनी राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार को आचार संहिता के उल्लंघन के दो मामलों में दोषी करार देते हुए यहां की एक अदालत ने शनिवार को तीन-तीन माह के साधारण कारावास और दो-दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने गंगवार को एक अन्य मामले में दोषमुक्त कर दिया है। आचार संहिता के उल्लंघन के दो अलग-अलग मुकदमों में सजा सुनाए जाने के साथ ही अदालत में मौजूद राज्य मंत्री गंगवार को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद गंगवार की जमानत अर्जी पर विचार करते हुए उनको रिहा किए जाने का आदेश दिया गया।

यह फैसला सांसद-विधायक अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) की विशेष न्यायाधीश प्रियंका रानी की अदालत में सुनाया गया। अभियोजन के अनुसार, तीनों मुकदमे वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज हुए थे जब गंगवार बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर पीलीभीत की सदर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे थे। पहली प्राथमिकी थाना सुनगढ़ी मेंउपनिरीक्षक विनय कुमार सरोज की ओर से दर्ज कराई गई थी, जिसमें बताया गया था कि चार जनवरी 2012 को वह आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराने के लिए दौरे पर थे।

शिकायत के मुताबिक, माधोटांडा रोड पर रेलवे क्रॉसिंग से आगे एक दीवार पर बहुजन समाज पार्टी के सदर विधानसभा सीट से प्रत्याशी संजय सिंह गंगवार के प्रचार संबंधी लेख उल्लखित पाया गया था। दूसरा मुकदमा, पांच जनवरी 2012 को तत्कालीन सुनगढ़ी थानाध्यक्ष पहुप सिंह की ओर से संजय सिंह गंगवार समेत तीन पर आचार संहिता उल्लंघन के तहत दर्ज हुआ था। तीसरा मुकदमा, सुनगढ़ी थाने में ही उपनिरीक्षक अमर सिंह की ओर से 15 फरवरी 2012 को एक एनसीआर के रूप में दर्ज कराया था, जिसमें संजय सिंह गंगवार और हरपाल सिंह आरोपी बनाए गए थे।

तीनों मुकदमों की विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए गए थे। तीनों मुकदमों की सुनवाई सांसद-विधायक अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) की विशेष न्यायाधीश प्रियंका रानी की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से बताया गया कि सुनवाई के बाद अदालत ने दरोगा विनय कुमार और थानाध्‍यक्ष पहुप सिंह की ओर से दर्ज कराए गए दो मुकदमों में धारा 127क लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का दोषी पाते हुए गंगवार को तीन-तीन माह साधारण कारावास और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

वहीं, दरोगा अमर सिंह की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में सुनवाई के बाद मौजूदा राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार एवं उत्तराखंड के थाना सितारगंज क्षेत्र के गांव नकुलिया निवासी हरपाल सिंह को दोषमुक्त कर दिया गया। गंगवार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर 2022 में विधानसभा का चुनाव जीते और उन्हें योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की उप्र सरकार में राज्यमंत्री की शपथ दिलाई गयी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button