Haryana

अस्पताल या डॉक्टर की मंशा गलत नहीं होती,पर दुर्घटना पर नहीं किसी का वश- डॉ तरूण

सपरा अस्पताल मैनेजमेंट द्वारा आज एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ. तरुण सपरा व अन्य चिकित्सकों ने अस्पताल के कर्मचारी द्वारा मरीज के साथ किए गए व्यवहार के बारे में अस्पताल प्रशासन का पक्ष रखा।

हिसार(दिनेश मैहता)। सपरा अस्पताल मैनेजमेंट द्वारा आज एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ. तरुण सपरा व अन्य चिकित्सकों ने अस्पताल के कर्मचारी द्वारा मरीज के साथ किए गए व्यवहार के बारे में अस्पताल प्रशासन का पक्ष रखा। डॉ. तरुण सपरा ने बताया कि सपरा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पिछले 5 दशकों से मरीजों के सर्वोत्तम इलाज व देखभाल के लिए जाना जाता है। हमारे अस्पताल में अनुभवी डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ अपने सौहार्दपूर्ण स्वभाव के लिए प्रसिद्ध हैं। कोरोना त्रासदी के दौरान भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा सपरा अस्पताल को बेस्ट हॉस्पिटल का अवार्ड भी दिया गया।
डॉ. तरुण सपरा ने बताया कि वे मीडिया के बताना चाहते हैं कि पिछले कई दिनों से अस्पताल का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। गत 17-06-2024 को कैथल जिले का एक मरीज लिवर की बीमारी व अन्य समस्याओं के इलाज के लिए डॉ. प्रभु स्वामी के विभाग में दाखिल हुआ। 18 जून की रात को ड्यूटी पर जीएनएम नवीन व एक अन्य अटेंडेंट की ड्यूटी थी नवीन एक क्वालिफाइड जीएनएम स्टाफ है जो कि अस्पताल में पिछले 2 सालों से काम कर रहा था। स्टाफ नवीन व्यक्तिगत समस्या की वजह से साइक्लोजिकल ड्यूरेस व मरीज के सहयोग न करने के व्यव्हार से क्षणिक रूप से आवेश में आकर उक्त कदम उठा बैठा। जैसे ही घटना की सूचना अस्पताल प्रशासन को मिली तो तुरंत प्रभाव से डाक्टर दीपक नैन की अध्यक्षता में उच्स्तरीय जांच कमेटी बनाई गई और जांच कमेटी ने सारे मामले को ध्यान में रखते हुए अनुशासत्मक करवाई के दौरान स्टाफ व अटेंडेंट को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस मामले की जांच पुलिस प्रशासन द्वारा भी की जा रही है व अस्पताल प्रशासन अपना पूरा सहयोग कर रहा है। स्टाफ के आलावा इस घटना में अस्पताल के किसी डॉक्टर या अन्य स्टाफ का नाम पुलिस एफआईआर में नाम दर्ज नहीं है।
उन्होंने बताया कि कैथल निवासी मरीज अस्पताल में उक्त घटना के बाद भी दाखिल रहे हैं जोकि 20 जून को पूरा इलाज होने के बाद डिस्चार्ज हुए हैं और वे व उनके परिजन अस्पताल व डॉक्टर इलाज से पूर्ण संतुष्ट है। अस्पताल उक्त घटना के लिए खेद प्रकट करता है और भविष्य में विश्वास दिलाता है कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृति नहीं होने दी जाएगी।

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