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अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में हथियार बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार

अलीगढ़ जिले में अवैध हथियारों की तस्करी और निर्माण के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. थाना क्वार्सी पुलिस टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. यह फैक्ट्री पंजीपुर गभाना बॉर्डर के पास एक बाउंड्री वॉल के पीछे संचालित की जा रही थी. पुलिस ने इस दौरान मौके से भारी मात्रा में बने और अधबने हथियार बरामद किए हैं.

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि आरोपी अवैध हथियारों का निर्माण कर उन्हें अलग-अलग जिलों में बेचते थे. यह धंधा लंबे समय से चल रहा था और इसकी वजह से कई आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा था.

मौके से पुलिस ने सद्दाम (पुत्र- जमालुद्दीन) और कामरान (पुत्र- बाजखान) को हिरासत में लिया है और फैक्टी के किन लोगों से जुड़े हुए है इसकी जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ने फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं. जिसके 13 देशी तमंचे, 9 बैरल,  3 तमंचों की अधबनी बॉडी, 6 लोहे की प्लेट्स, 4 खोखा कारतूस और 1 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.

ये सामान हुआ बरामद
वहीं हथियार निर्माण के औजार में 6 लकड़ी के चाप, 4 ड्रिल मशीन बिट्स, 1 ड्रिल मशीन (स्क्रू के साथ), 6 डाई सूमी, 1 लोहे की कटर मशीन (हैमर के साथ), 3 ब्लेड आरी के, 2 आरी (ब्लेड के साथ), 1 लकड़ी काटने की आरी, 1 लोहे की शिकंजा मशीन, 1 लोहे का हथौड़ा, 1 लकड़ी का बट लगा हथौड़ा, 1 गोल रेती, 1 चपटी रेती, 1 प्लास, 1 साधा संड़ासी और 1 लोहे काटने की संड़ासी बरामद किए गए हैं.

पुलिस ने मौके से दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं जो हथियारों की डिलीवरी में इस्तेमाल की जाती थीं. ये वाहन एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिए गए हैं. पुलिस के अनुसार, यह फैक्ट्री काफी गुप्त तरीके से चलाई जा रही थी. अपराधियों ने फैक्ट्री को बाउंड्री वॉल के पास छिपाकर रखा था ताकि किसी को संदेह न हो. यहां आधुनिक औजारों की मदद से हथियार बनाए जाते थे और इन्हें अलग-अलग जिलों में सप्लाई किया जाता था.

क्या बोली पुलिस
इस घटना के संबंध में पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि इन अवैध हथियारों की बड़ी मांग थी और आरोपी इन्हें मोटी कीमत पर बेचते थे. कुछ मामलों में ये हथियार अपराधियों को भी सप्लाई किए जाते थे, जिससे अपराध की घटनाएं बढ़ रही थीं. पुलिस ने दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है. वे यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस गैंग से और कौन-कौन जुड़े हैं और हथियारों की सप्लाई किन-किन जिलों में की जाती थी.

अधिकारियों ने बताया कि अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के खिलाफ यह एक बड़ी सफलता है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस उपअधीक्षक ने बताया कि अपराध और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. आम जनता से भी अपील की गई है कि अगर उन्हें कहीं भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें.

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