मुजफ्फरनगर

अमेजन की डिलीवरी और ‘कैशबैक’ का खूनी खेल: मुजफ्फरनगर पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय ठग गिरोह, साढ़े छह लाख का सोना जब्त

मुजफ्फरनगर पुलिस ने ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले ये शातिर अपराधी अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों से सोने के सिक्के और बिस्किट मंगाकर उन्हें पार्सल से गायब कर देते थे। एसएसपी संजीव कुमार वर्मा ने शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे ‘हाई-प्रोफाइल’ खेल का खुलासा किया।

कैशबैक के लालच में फंसते थे डिलीवरी बॉय

पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले किसी गरीब व्यक्ति की आईडी पर फर्जी सिम खरीदते थे। इसके बाद किसी शहर में 1000 से 2000 रुपये के चांदी के सिक्के ऑर्डर करते थे। डिलीवरी बॉय के पास पहुंचने पर ये उसे 500 रुपये का लालच देते थे और कहते थे कि ऑर्डर कैंसिल करने पर उन्हें 1000 रुपये कैशबैक मिलता है। दो-तीन बार छोटे ऑर्डर कैंसिल कराकर वे डिलीवरी बॉय का विश्वास जीत लेते थे।

साढ़े छह लाख का सोना बरामद

जब डिलीवरी बॉय उन पर पूरी तरह भरोसा करने लगता, तब ये गिरोह आईडीएफसी बैंक खाते का उपयोग कर भारी कीमत के सोने के बिस्किट और सिक्के ऑर्डर करता था। डिलीवरी के समय आरोपी बातों में उलझाकर पार्सल से सोना निकाल लेते थे और उसे दोबारा पैक कर ‘कैशबैक’ का बहाना बनाकर वापस कर देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 2 सोने के बिस्किट और 2 सिक्के बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 6,50,000 रुपये है। साथ ही 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

जयपुर के रहने वाले हैं पकड़े गए आरोपी

पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिनेश कुमार, सूर्या और भूप सिंह के रूप में हुई है, जो राजस्थान के जयपुर के निवासी हैं। इनके दो साथी, अशोक और हितेश, अभी फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मुजफ्फरनगर के अलावा मेरठ, गोरखपुर और प्रयागराज में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। वे हर वारदात के बाद इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड को तोड़कर फेंक देते थे।

पुलिस टीम को मिला नकद पुरस्कार

नई मंडी पुलिस की इस सफलता पर एसएसपी ने प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा और उनकी टीम की पीठ थपथपाई है। एसएसपी ने गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम के लिए 15,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस अब उन ई-कॉमर्स कंपनियों से भी संपर्क कर रही है जिन्हें इस गिरोह ने चूना लगाया है।

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