
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने असम के विधायक अखिल गोगोई के माओवादियों से संदिग्ध संबंधों से जुड़े एक मामले की सुनवाई टाल दी है। कोर्ट ने कहा कि अखिल गोगोई को मिली अंतरिम राहत अगले आदेश तक जारी रहेगी।

इससे पहले 21 फरवरी को कोर्ट ने गोगोई को अंतरिम राहत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि अगले आदेश तक अखिल गोगोई को हिरासत में नहीं लिया जाएगा। कोर्ट ने यूएपीए के तहत दर्ज मामले में आरोप मुक्त करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को निरस्त करने के असम हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एनआईए को नोटिस जारी किया था। गोगोई और तीन अन्य आरोपितों के खिलाफ 2019 में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने और माओवादी संगठनों से संबंधों के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। उनके खिलाफ यूएपीए की धाराओं समेत राजद्रोह के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

गुवाहाटी के ट्रायल कोर्ट ने जुलाई 2021 में अखिल गोगोई और तीन आरोपितों को आरोप मुक्त कर दिया था। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने 9 फरवरी को ट्रायल कोर्ट के आदेश को निरस्त करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।



