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हैदराबाद: मिलाद जुलूस में ट्रैफिक जाम और शोर पर टोका, तो पुलिसकर्मी को मिली गंभीर परिणाम की धमकी

हैदराबाद में गत 14 सितंबर को यहां मिलाद-उन-नबी जुलूस के दौरान शोर नहीं करने और यातायात अवरुद्ध नहीं करने के लिए कहने पर ड्यूटी पर तैनात एक यातायात पुलिसकर्मी को कथित तौर पर धमकाने के लिए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जुलूस की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक यातायात होमगार्ड की शिकायत के बाद पुलिस ने 17 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब वह सिटी कॉलेज एक्स रोड पर ड्यूटी पर था, तो मिलाद-उन-नबी जुलूस में भाग लेने वाले व्यक्तियों के एक समूह ने जानबूझकर वाहनों को रोककर यातायात जाम कर दिया। पुलिसकर्मी ने उन्हें यातायात अवरोध कम करने के लिए आगे बढ़ने की सलाह दी। बाद में, वे लोग मोटरसाइकिल पर आए और एक अस्पताल के सामने अपना उपद्रवी व्यवहार दोहराया और ध्वनि प्रदूषण किया। प्राथमिकी के अनुसार जब यातायात पुलिसकर्मियों ने अस्पताल के पास शांति बनाए रखने की अपील करते हुए उन्हें दोबारा समझाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है, जिनमें सार्वजनिक सेवक के कार्य में बाधा डालना और आपराधिक धमकी देना शामिल है। हैदराबाद सिटी पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पोस्ट में कहा गया है, मामले की जांच हुसैनी आलम थाना प्रभारी द्वारा की जा रही है। हम शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सामुदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना का एक कथित वीडियो ‘एक्स’ पर साझा किया गया है।

इसके अलावा दूसरी घटना में हैदराबाद पुलिस ने 16 सितंबर को मिलाद-उन-नबी जुलूस के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ टिप्पणी करने वाले एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इंस्टाग्राम पर सामने आए भाषण के कथित वीडियो में व्यक्ति को शहर के चारमीनार बस स्टैंड के पास अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है, जिससे सांप्रदायिक वैमनस्यता की आशंका बढ़ गई है। हैदराबाद पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1) (दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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