हिमाचल में 3 दिन और भारी बारिश, ओलावृष्टि-आंधी का अलर्ट, केलंग से अटल टनल तक वाहनों की आवाजाही बंद

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम के तेवर तीखे बने हुए हैं और मार्च के महीने में ठंड ने दिसंबर जैसा एहसास करा दिया है। बीती रात राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में ताज़ा बर्फबारी हुई, जबकि मंगलवार को भी मौसम खराब बना हुआ है। शिमला, मनाली समेत अधिकांश पहाड़ी इलाकों में सुबह से बादल छाए हैं और ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर दिया है।

इस बीच लाहौल-स्पीति प्रशासन ने हालात को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की ओर से जारी आदेश के अनुसार भारी बर्फबारी, सड़क पर जमी बर्फ और खराब विजिबिलिटी के कारण केलांग से अटल टनल तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने साफ कहा है कि इस मार्ग पर यात्रा करना फिलहाल जोखिम भरा है और लोगों की जान-माल को खतरा हो सकता है।

आदेश में यह भी बताया गया है कि सिस्सू के पास बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही को रोका जाएगा। केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड और बीआरओ को ही सीमित रूप से आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, स्थानीय निवासियों के लिए भी केवल 4×4 वाहनों को ही छूट दी गई है। प्रशासन ने फंसे हुए वाहनों को प्राथमिकता से निकालने के निर्देश दिए हैं और बर्फ हटाने का काम तेज़ करने के लिए सुबह के समय सड़क को पूरी तरह खाली रखने का फैसला लिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में मौसम और बिगड़ने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में आज 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ अंधड़ और बिजली कड़कने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अगले दो दिनों में मौसम के तेवर और तीखे हो सकते हैं।
18 और 19 मार्च को लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर राज्य के बाकी 10 जिलों में भारी बारिश, 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। इनमें 19 मार्च को मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इस दिन चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की आशंका है। वहीं हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट रहेगा। 20 मार्च को भी 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पिछले तीन दिनों से राज्य में लगातार बदलते मौसम के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश हो रही है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालात ऐसे हैं कि मार्च के मध्य में ही सर्दी ने फिर से दस्तक दे दी है। मौसम के इस बदले मिजाज ने आम जनजीवन पर असर डाला है, खासकर पर्यटन स्थलों और पहाड़ी क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है।



