हिमाचल में बर्फबारी से लौटी ठंड, अटल टनल के पास वाहन फंसे, 20 मार्च तक अलर्ट

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मार्च के मध्य एक बार फिर ठंड लौट आई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। मौसम के इस बदले मिजाज से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में राज्य का औसत न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि यह सामान्य से करीब 0.6 डिग्री कम दर्ज किया गया है।

प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सराहन में सबसे अधिक 29.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि सलूणी में 32 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा भावानगर में 29 मिमी, रामपुर में 28 मिमी, कटौला में 23.4 मिमी, भटियात में 23.1 मिमी, मनाली में 22 मिमी और भरमौर में 20.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। मंडी में 14.6 मिमी, बरठीं में 14.2 मिमी और शिमला में 12.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का दौर आज भी जारी है। खदराला में 10.2 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि कल्पा में 6.4 सेंटीमीटर बर्फ गिरी। इसके अलावा गोंदला और जोत में करीब 3-3 सेंटीमीटर व कुकुमसेरी में 1.5 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। मौसम विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी का यह दौर अभी जारी रह सकता है।
कुल्लू जिले के मनाली क्षेत्र में सोमवार को भी मौसम खराब बना हुआ है। ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम खराब होने के कारण तापमान में भी गिरावट आई है। हिल स्टेशनों शिमला और मनाली में ठंड बढ़ने के बाद लोगों ने एक बार फिर गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।
बर्फबारी का असर यातायात पर भी पड़ा है। अटल टनल रोहतांग के आसपास बर्फबारी के कारण कई वाहन फंस गए। पुलिस और प्रशासन की टीमें फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयास में जुटी हैं। सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल सोलंगनाला से आगे किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम साफ होने और सड़क की स्थिति बेहतर होने के बाद ही वाहनों की आवाजाही बहाल की जाएगी।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसम का यह बदला मिजाज अभी कुछ दिन और बना रह सकता है। विभाग ने 20 मार्च तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। विभाग का कहना है कि 22 मार्च तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना कम है और बीच-बीच में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
हालांकि मौसम में आए इस बदलाव को किसानों और बागवानों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है। मार्च में हुई यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। इसके साथ ही सेब सहित अन्य फलदार पौधों के लिए भी यह नमी लाभकारी मानी जा रही है, क्योंकि इससे जमीन में पर्याप्त नमी बनी रहती है।
अगर तापमान की बात करें तो सोमवार को शिमला में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सुंदरनगर में 8.2 डिग्री, भुंतर में 6.3 डिग्री, धर्मशाला में 8.7 डिग्री, ऊना में 11.5 डिग्री और नाहन में 10.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मनाली में तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि पालमपुर में 7 डिग्री, सोलन में 7.4 डिग्री, कांगड़ा में 9.5 डिग्री, मंडी में 9.6 डिग्री, बिलासपुर में 11 डिग्री और पांवटा साहिब में 17 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।



