राज्य
Trending

हिमाचल प्रदेश विस चुनावों की मतगणना शुरू

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य के 59 स्थानों पर 68 मतगणना केंद्रों पर मतगणना शुरू हो गयी है। पहले डाक मतपत्र गणना की जायेंगी।

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों की मतगणना गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ बजे शुरू हो गयी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य के 59 स्थानों पर 68 मतगणना केंद्रों पर मतगणना शुरू हो गयी है। पहले डाक मतपत्र गणना की जायेंगी। पूर्वाह्न 11 बजे तक रुझान स्पष्ट हो जाने की संभावना है। चम्बा में दो, कांगड़ा 13, लाहौल स्पीति और किन्नौर एक-एक, कुल्लू चार, मंडी 10, हमीरपुर पांच, ऊना और बिलासपुर में तीन-तीन, सोलन चार, सिरमौर पांच और शिमला में आठ मतगणना स्थल स्थापित किये गये हैं। मतगणना के लिए कम से कम आठ और अधिकतम 14 टेबल लगाई गयी हैं। हर टेबल पर पंजीकृत राजनीतिक दल के एक एजेंट को बैठने की अनुमति होगी। मतगणना के 10 से 18 दौर होंगे।

शांतिपूर्ण तरीके से मतगणना सम्पन्न कराने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बंदोबस्त किए गये हैं। सभी मतगणना केंद्रों पर

त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को मतगणना केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। मोबाइल फोन ले जाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

राज्य में इस बार भी परम्परागत रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला है। दोनों दलों के बीच कांटे की टक्कर होने के उपरांत मतदान बाद आये सर्वेक्षणों को देखते हुए दोनों ही दलों की नजरें अब बहुमत न जुटा पाने की स्थिति में निर्दलीय प्रत्याशियों पर टिक गई हैं। टिकट कटने से भाजपा से 21 और कांग्रेस से छह बागियों ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है। सर्वेक्षणों चुनाव परिणाम स्पष्ट नहीं आने से उम्मीदवारों की दिलों की धड़कनें बढ़ गई है। इनमें कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। देखना है कि राज्य में चुनाव परिणामों से राज बदलेगा या रिवाज बदलेगा।

राज्य की 68 सदस्यीय विधानसभा के लिये गत 12 नवम्बर को चुनाव हुये, जिसमें 412 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत ईवीएम में लॉक हो गई थी। चुनावी दंगल में भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी (आप), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और अनेक निर्दलीय उतरे थे। इनमें 388 पुरुष और 24 महिला उम्मीदवार हैं।

इस बार के विधानसभा चुनाव में 76.6 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके इतिहास रच दिया था। निर्वाचन आयोग ने हालांकि राज्य में इस बार 80 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा था। इससे पहले वर्ष 2017 में 75.57 प्रतिशत, 2007 में 71.61 प्रतिशत और 2012 में 72.69 प्रतिशत मतदान हुआ था।

राज्य में अब तक परम्परागत तौर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला होता रहा है। राज्य में दोनों की अदल-बदल कर सरकारें आती रही हैं, लेकिन इस बार आप ने भी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार कर अनेक सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय तो कहीं मजबूत निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी के चलते बहुकोणीय हो गया है। राज्य में इस समय भाजपा सत्ता में है। वर्ष 2017 के चुनावों में भाजपा को 44, कांग्रेस को 21 सीटें मिलीं थीं। दो सीटों पर निर्दलीय और एक सीट पर माकपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button