हस्तिनापुर में युवक की गिरफ्तारी पर ग्रामीणों का जमकर हंगामा लगाए मुर्दाबाद के नारे
हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में पिता पुत्र की हत्या के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया था। युवक को पांच दिन बाद नहीं छोड़ने पर परिजनों ने थाने पर सैकड़ों ग्रामीणों के साथ हंगामा कर दिया

मवाना (संवादाता आरके विश्वकर्मा)। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में पिता पुत्र की हत्या के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया था। युवक को पांच दिन बाद नहीं छोड़ने पर परिजनों ने थाने पर सैकड़ों ग्रामीणों के साथ हंगामा कर दिया।
मेरठ से सटे हस्तिनापुर में रविवार को थाना क्षेत्र के गांव मखदुमपुर गंगा किनारे घाट पर कृष्णा नगर कॉलोनी निवासी पिता-पुत्र के शव गंगा में मिले थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजा था जहां पर डूबने से मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया था। वहीं परिजनों ने दो दिन तक हत्या का आरोप लगाकर अंतिम संस्कार नहीं किया था। बाद में राज्य मंत्री के आश्वासन पर अंतिम संस्कार किया गया था
वन आरक्षित क्षेत्र से होकर गुजरने वाली मध्य गंग नहर के किनारे प्राचीन भद्रकाली सिद्धपीठ मंदिर के समीप कृष्णा नगर कॉलोनी निवासी असीम अपने बेटे गौरव(15) वर्ष के साथ मछली पकड़ने के लिए गंगा में गए थे। मछली पड़कर ही परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। असीम निर्धन गरीब था जिसके तीन बेटे थे, जिनमें गौरव सबसे बड़ा था।

रविवार की शाम को असीम और उसके बड़े बेटे गौरव का शव मखदुमपुर गंगा घाट पर मिला था, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। असीम के भाई ने हत्या का आरोप लगाया था। वहीं पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।था पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंगा में डूबने से मौत का कारण आया।

पुलिस ने इस मामले में पिछले 5 दिनों से मखदुमपुर निवासी एक युवक को हिरासत में लिया था, अब पांच दिन तक लगातार पूछताछ के बाद भी जब युवक को नहीं छोड़ा गया तो उसके परिजनों ने सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों के साथ थाने पर हंगामा किया और थाना प्रभारी पर कई गंभीर आरोप लगाए।
ग्रामीणों ने हस्तिनापुर पुलिस मुर्दाबाद और थाना प्रभारी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। कई घंटे चले हंगामा के बाद पुलिस अधिकारियों ने जैसे-तैसे आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया। बाद में थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि निर्दोष होने पर किसी को जेल नहीं भेजा जाएगा, जिसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। उसके बाद मामला शांत हुआ।

