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हलालपुर के प्रसिद्ध तीर्थ में हुई महान संत धन्ना जाट की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा

उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थानों में शुमार बागपत के हलालपुर गांव में स्थित बाबा मोहनराम आश्रम में महान कृष्ण भक्त और देश के प्रसिद्ध संतो में शुमार धन्ना जाट की मूर्ति को स्थापित किया गया और प्राण-प्रतिष्ठा की गयी।

बागपत (विपुल जैन)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थानों में शुमार बागपत के हलालपुर गांव में स्थित बाबा मोहनराम आश्रम में महान कृष्ण भक्त और देश के प्रसिद्ध संतो में शुमार धन्ना जाट की मूर्ति को स्थापित किया गया और प्राण-प्रतिष्ठा की गयी। संत धन्ना जाट की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा पीठाधिपति धर्मचक्रवर्ती अनन्त श्री विभूषित अखण्ड़ भूमण्डलाधीश्वर जगद्गुरू वल्लभाचार्य डाक्टर तेजबीर सिंह के पावन सानिध्य में सम्पन्न हुई।

डाक्टर तेजबीर सिंह ने बताया कि संत धन्ना जाट की गिनती भगवान कृष्ण के प्रमुख भक्तों में की जाती है। बताया कि धन्ना जाट में कृष्ण भक्ति इतनी कूट-कूट कर भरी थी कि स्वयं भगवान कृष्ण को अपने भक्त की पुकार पर एक पत्थर से निकलकर आना पड़ा और धन्ना भक्त के प्रसाद को ग्रहण करना पड़ा। साथ ही साथ धन्ना भक्त की प्रार्थना पर भगवान कृष्ण ने हाली बनकर धन्ना जाट के खेत की जुताई की और बिना बीज के फसल उगाई। बताया कि जिस खेत में भगवान श्री कृष्ण ने जुताई की थी उस खेत की चमत्कारी पवित्र पावन मिट्टी और उस स्थान से लाये गये पवित्र पत्थर के टुकड़े को महान संत धन्ना जाट की मूर्ति के समीप रखा गया है। बताया कि इस पवित्र पावन मिटटी और संत धन्ना जाट की मनोहारी और आकर्षक मूर्ति के दर्शनों से भक्तों का कल्याण होगा। कहा कि सिक्खों के प्रमुख धर्म ग्रन्थ गुरू ग्रन्थ साहिब में धन्ना जाट के बारे में चार वाणी है जो संत धन्ना जाट की महानता को बताने के लिए पर्याप्त है। इस अवसर पर शबगा गांव के निवासी और बाबा मोहनराम के भक्त राम मेहर पंवार द्वारा संत धन्ना जाट की मूर्ति के समक्ष सवामन गुड़ का प्रसाद चढ़ाया गया। गुरूमाता डाक्टर सुषमा देवी ने इस अवसर पर बाबा मोहनराम और संत धन्ना जाट से समस्त विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर सुपला पंड़ित, स्वामी आनन्दवेश सरस्वती, चौधरी नरेन्द्र सिंह हलालपुर, शिवराज सिंह, राजेन्द्र सिंह एसआई, रामनिवास त्यागी, बहन संतोष, कृष्णपाल, राममेहर सिंह, मास्टर रामपाल सिंह, मास्टर जयवीर सिंह आदि थे।

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