मुजफ्फरनगर

सियासी संग्राम: मंत्री अनिल कुमार के खिलाफ पचेंडा में भारी पंचायत, विधायक पंकज मलिक के अपमान पर भड़के समर्थक

मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के कद्दावर विधायक पंकज मलिक और योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब गांवों की चौपालों तक पहुंच गई है। रालोद कोटे से मंत्री बने अनिल कुमार के समर्थकों द्वारा विधायक पंकज मलिक का पुतला दहन किए जाने के विरोध में पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के गांव पचेंडा कला में एक विशाल पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों ने हिस्सा लिया और मंत्री की कार्यशैली के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया।

जाति कार्ड खेलने पर भड़के ग्रामीण

पंचायत में वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि विधायक पंकज मलिक ने कभी भी मंत्री की जाति को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है, बल्कि उन्होंने केवल एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि मंत्री अनिल कुमार खुद को ‘दलित का बेटा’ बताकर इस विवाद को जानबूझकर जातीय रंग देने का प्रयास कर रहे हैं ताकि अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपा सकें। पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि एक सम्मानित और गणमान्य विधायक का पुतला दहन कराना ओछी मानसिकता का परिचायक है और इसका करारा जवाब आने वाले समय में दिया जाएगा।

2027 के चुनाव में हिसाब चुकता करने की चेतावनी

पचेंडा की इस महापंचायत में जुटे समर्थकों ने हुंकार भरते हुए कहा कि जिस तरीके से सत्ता के अहंकार में चूर होकर पंकज मलिक का अपमान किया गया है, उसे क्षेत्र की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि इस अपमान का बदला वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में वोट की चोट से लिया जाएगा। गौरतलब है कि यह विवाद तब शुरू हुआ था जब मंत्री अनिल कुमार ने सपा और उसके शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी की थी, जिसके जवाब में पंकज मलिक ने उन्हें ‘अहंकारी’ बताया था। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

पुरकाजी क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है सियासी तापमान

विधायक पंकज मलिक के समर्थन में हुई इस पंचायत ने यह साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब केवल दो नेताओं के बीच नहीं, बल्कि समर्थकों के सम्मान की लड़ाई बन गई है। पंचायत में वक्ताओं ने मंत्री के उस बयान की भी निंदा की जिसमें उन्होंने सपा को ‘गुंडों की पार्टी’ कहा था। समर्थकों का कहना है कि पंकज मलिक सर्वसमाज के नेता हैं और उनके पुतले फूंकर मंत्री ने अपनी हार की हताशा जाहिर की है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पूरे जिले, विशेषकर पुरकाजी क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है।

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