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सामान्य के बजाय इस बार विशेष शिक्षा में नौकरी की राह थोड़ी आसान

प्रदेश में अगले साल होने वाली तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती में इस बार सामान्य शिक्षा के मुकाबले विशेष शिक्षा में नौकरी की राह थोड़ी आसान रहेगी।

प्रदेश में अगले साल होने वाली तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती में इस बार सामान्य शिक्षा के मुकाबले विशेष शिक्षा में नौकरी की राह थोड़ी आसान रहेगी। दरअसल, मुख्यमंत्री के विशेष शिक्षकों के साढ़े चार हजार पद सृजित करने के बाद बेरोजगारों में नौकरी की आस जगी है। इस बार प्रथम लेवल के मुकाबले द्वितीय लेवल यानि बीएड डिग्रीधारी युवाओं को ज्यादा मौके मिलने की संभावना है। क्योंकि प्रथम लेवल की 2021 में भर्ती हो चुकी है। जबकि द्वितीय लेवल में इस सरकार के राज में पहली भर्ती होगी। विशेष शिक्षा में लगातार भर्तियां आने से पाठ्यक्रमों के प्रति क्रेज भी बढ़ा है। इधर, सामान्य शिक्षा के द्वितीय लेवल में पदों की कटौती की वजह से बेरोजगारां में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। इस मामले में बेरोजगारों ने दो दिन पहले शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर नाराजगी जताई थी। बेरोजगारों का कहना है कि सरकार ने यदि लेवल द्वितीय के पदों में कटौती का प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो दो नवम्बर से आंदोलन किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सरकार की ओर से तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में और पदों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है। क्योंकि पिछली रीट की वजह से यह भर्ती लगातार विवादों में है। ऐसे में सरकार चुनावी साल में बेरोजगारों का किसी भी सूरत में विरोध नहीं झेलना चाहती है।

बेरोजगारों का सवाल 57 हजार पद खाली तो भर्ती 46 हजार के लिए क्यों
प्रदेश में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के फिलहाल 57 हजार 400 से अधिक पद रिक्त है। लेकिन सरकार की ओर से भर्ती 46 हजार 500 पदों के लिए ही की जा रही है। इसको लेकर भी बेरोजगारों में आक्रोश है। बेरोजगारों का कहना है कि जब पद रिक्त है तो 57 हजार की भर्ती से पीछे क्यों हट रही है। शाला दर्पण पोर्टल के अनुसार लेवल प्रथम में 29,819 जबकि लेवल द्वितीय में 27,857 पद खाली है। सरकार 46,500 पदों पर शिक्षकों की भर्ती करती है तो भी सरकारी स्कूलों में लेवल प्रथम में 8,819 पद और लेवल द्वितीय में 2,081 पद खाली रह जाएंगे।

बीएड विशेष 28 हजार ही दौड़ में
बीएड विशेष शिक्षा में इस बार लगभग 28 हजार अभ्यर्थी ही नौकरी की दौड़ में शामिल है। जबकि द्वितीय लेवल के सभी विषयों में दो हजार से अधिक पद रिक्त है। वर्ष 2018 के मुकाबले इस भर्ती में नौकरी की राह आसान रहेगी। क्योंकि पदों के मुकाबले अभ्यर्थियों की संख्या काफी कम है।

प्रथम लेवल में 47 हजार के शामिल होने की आस
रीट प्रथम लेवल में 47 हजार अभ्यर्थियों के रीट पास होने की आस है। इस लेवल में भी दो हजार से अधिक पद रिक्त है। एक्सपर्ट का कहना है कि पहली बार तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में 4500 पदों पर भर्ती होने से इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने वाले युवाओं की संख्या और तेजी से बढ़ेगी। हालांकि बोर्ड की ओर से से अभी तक विशेष शिक्षा में रीट पास करने वाले अभ्यर्थियों का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।

विशेष शिक्षा बीएड की तरफ बढ़ा रूझान
विशेष शिक्षा में लगातार भर्तियां होने की वजह से सामान्य शिक्षा के मुकाबले विशेष शिक्षा बीएड के पाठ्यक्रम के प्रति रूझान बढ़ा है। मुख्यमंत्री के विशेष शिक्षा में साढ़े चार हजार पद सृजित होने से बेरोजगारों की नौकरी की राह आसान होगी। वहीं द्वितीय श्रेणी अध्यापक भर्ती में भी विशेष शिक्षकों के 500 से अधिक पद सृजित होने की संभावना है। किसी दौर में प्रदेश के युवाओं को दूसरे राज्यों में पढ़ाई करने जाना पड़ता था। लेकिन अब स्थानीय स्तर पर भी विकल्प खुले है।
स्नेहलता चौधरी, एक्सपर्ट, विशेष शिक्षा मामले

सामान्य बीएड के मुकाबले विशेष शिक्षा में क्रेज
सामान्य शिक्षा के सभी विषयों में हर भर्ती में नौकरी की टक्कर बढ़ती जा रही है। जबकि विशेष शिक्षा में मारामारी घटी है। ऐसे में सामान्य बीएड के मुकाबले अभ्यर्थियों की ओर से अब बीएड विशेष शिक्षा के पाठ्यक्रम को वरीयता दी जा रही है। ऐसे में बीएड विशेष शिक्षा में दाखिले को लेकर इस बार और ज्यादा मारामारी है।

8 लाख से ज्यादा होंगे मुख्य परीक्षा में शामिल
इसी साल जुलाई महीने में हुई राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की रीट परीक्षा का परिणम जारी हो चुका है। रीट द्वितीय लेवल की परीक्षा में 6,03,228 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए है। जबकि रीट लेवल प्रथम की परीक्षा में 2,03,609 अभ्यर्थी पात्र घोषित किए गए।

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