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सहारनपुर पुलिस द्वारा खनन माफिया हाजी इकबाल उर्फ बाला के मुंशी नसीम के विरूद्ध कुर्की की बड़ी कार्यवाही

विवेचना के दौरान लकडी तस्करी, अवैध रुप से खनन का कारोबार एवं दबंगई के बल पर लोगों को डरा धमकाकर धोखाधडी करके सरकारी व गैर सरकारी जमीने क्रय किये जाने के तथ्य प्रकाश में आये

सहारनपुर। थाना बेहट पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा लगभग इक्कीस करोड रूपये की अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति को धारा 14(1) गैंगस्टर अधिनियम के अन्तर्गत कुर्क किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर आकाश तोमर द्वारा निर्गत आदेश-निर्देशांे के अनुपालन में गैंगस्टर एक्ट व अवैध रूप से अर्जित की गयी सम्पत्ति के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी बेहट के निकट पर्यवेक्षण में थाना मिर्जापुर प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार श्रोतिया द्वारा थाना मिर्जापुर पर मुकदमा अपराध संख्या 83/22 धारा 2/3 गैगस्टर एक्ट बनाम हाजी इकबाल उर्फ बाला पुत्र अब्दुल वहीद गैंग (लीडर), अब्दूल वाजिद पुत्र हाजी इकबाल बाला (गैग सदस्य), जावेद पुत्र हाजी इकबाल उर्फ बाला(गैंग सदस्य), मौहम्मद अफजाल पुत्र हाजी इकबाल उर्फ बाला (गैंग सदस्य), अलीशान पुत्र हाजी इकबाल बाला निवासीगण ग्राम मिर्जापुर पोल थाना मिर्जापुर जनपद सहारनपुर (गैंग सदस्य), राव लईक पुत्र सईद अहमद निवासी रायपुर थाना मिर्जापुर सहारनपुर (गैग सदस्य), नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी ग्राम मिर्जापुर पोल थाना मिर्जापुर जनपद सहारनपुर (गैंग सदस्य) पंजीकृत कराया गया था। जिसकी विवेचना थाना बेहट प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार पाण्डेय द्वारा सम्पादित की जा रही थी। विवेचना के दौरान गैंग लीडर हाजी इकबाल उर्फ बाला द्वारा अपने आपराधिक सहयोगियों, परिजनों, रिश्तेदार एवं नौकरो आदि के नाम से वन क्षेत्र से खैर आदि लकड़ी तस्करी, अवैध रुप से खनन का कारोबार एवं दबंगई के बल पर लोगांे को डरा धमका कर धोखाधडी करके सरकारी व गैर सरकारी जमीने क्रय किये जाने के तथ्य प्रकाश में आये हैं। मुकदमा उपरोक्त के गैंग लीडर हाजी इकबाल उर्फ बाला द्वारा अपने आपराधिक सहयोगी नामजद अभियुक्त नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी ग्राम मिर्जापुर पोल (गैग सदस्य) के नाम मैसर्स आदेश जैन एण्ड नसीम द्वारा पार्टनर नसीम अहमद पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी मिर्जापुर पोल एवं नसीम के पुत्र नदीम निवासी मिर्जापुर पोल थाना मिर्जापुर जनपद सहारनपुर के नाम फर्म (कम्पनी) रजिस्ट्रर्ड कराकर तहसील बेहट के अन्तर्गत गांवो में कई सम्पत्ति अवैध रुप से आपराधिक क्रिया कलापों में लिप्त रहकर अर्जित किये गये अवैध आर्थिक लाभ से क्रय किया जाना पाया गया है। अभियुक्त नसीम व उसका पुत्र नदीम, गैग लीडर हाजी इकबाल उर्फ बाला के अपराधिक क्रिया कलापों एवं धोखाधडी से किये गये कार्य एवं अवैध रुप से संचालित किये जा रहे खनन कार्यो जैसे समाज विरोधी क्रिया कलापो में संलिप्त रहा परन्तु कानून की नजर से बचता रहा। वर्ष 2017 से अभियुक्त नसीम उपरोक्त के विरुद्ध तीन मुकदमें पंजीकृत हुए। जिनमें मुकदमा अपराध संख्या 1409/17 धारा 420/468/477ए/471 भादवि व 629ए कम्पनी अधि0 1956 चालानी थाना गोमती नगर लखनऊ, मुकदमा अपराध संख्या 52/18 धारा 147/148/149/352/504/506/447 भादवि व 3(2)(5) एससी-एसटी एक्ट व 7 सीएलए एक्ट चालानी थाना मिर्जापुर जनपद सहारनपुर, व मुकदमा अपराध संख्या 83/22 धारा 2/3 गैगेस्टर एक्ट चालानी थाना मिर्जापुर जनपद सहारनपुर पर पंजीकृत है। विवेचना के दौरान उपरोक्त वर्णित सम्पत्तियों का नियमानुसार अभिलेखीय व भौतिक सत्यापन किया गया तो उपरोक्त सभी वर्णित सम्पत्तिया गैंग लीडर हाजी इकबाल उर्फ बाला द्वारा अभियुक्त नसीम व उसके पुत्र नदीम के नाम से रजिस्टर्ड करायी गयी फर्म एवं व्यक्तिगत रुप से नसीम एवं नदीम के नाम पर तहसील अभिलेखांे में दर्ज पायी गयी। तदोपरान्त राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियांे के सहयोग से उक्त वर्णित सम्पत्तियों का स्थलीय निरीक्षण किया गया एवं आसपास के मौजिज लोगों से बातचीत की गयी तो ’उक्त सभी सम्पत्ति गैंग लीडर हाजी इकबाल उर्फ बाला के सहयोगी नसीम उपरोक्त (गैंग सदस्य) एवं उसके पुत्र नदीम की होना बताया गया तथा यह भी ज्ञात हुआ कि उक्त जमीने लोगों से धोखाधडी करके तथा डरा धमका कर अपने अपराधिक प्रभुत्व एवं दबंगई के बल पर एक सुसंगठित गैंग बनाकर औने-पौने दामों में क्रय की गयी हैं। उपरोक्त सम्पत्ती में से अधिकांश सम्पत्ति सड़क किनारे है तथा सम्पत्ति में तैयार बाग खड़े हैं। उपरोक्त सम्पत्ति का वर्तमान बाजार मुल्य लगभग इक्कीस करोड़ रूपये बतायी जा रही है। उपरोक्त गैंग लीडर व गैंग सदस्यों द्वारा अवैध अपराधिक गतिविधियो एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप करके सुसंगठित गैंग बनाकर उपरोक्त सम्पत्तियों का अर्जित किया जाना पाया गया है। उक्त गैंग लीडर एवं गैंग सदस्यों द्वारा अपराधिक गतिविधियांे वन क्षेत्र से बेश कीमती इमारती लकडियो की तस्करी, अवैध रुप से खनन का कारोबार एवं दबगंई के बल पर धोखाधडी छल फरेब करके लोगों को डरा धमका कर अपने अपराधिक प्रभुत्व के बल पर सुसंगठित गैंग बनाकर अवैध आर्थिक लाभ से अर्जित एकत्र किये गये धन से सरकारी व गैर सरकारी जमीने क्रय किया जाना प्रमाणित है। अभियुक्त नसीम पुत्र गफ्फार उर्फ गफूर एवं उसके पुत्र नदीम द्वारा अर्जित अवैध सम्पत्ति के विरूद्ध धारा 14(1) गैंगस्टर अधिनियम 1986 के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के अधीन जब्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है।

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