
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 1996 में सपा के पूर्व विधायक जवाहर यादव पंडित हत्याकांड में पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूर्यभान करवरिया, पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया और एक अन्य व्यक्ति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने हत्या के मामले में दोषियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

अपीलकर्ताओं की दलील यह थी कि प्रयागराज के सत्र न्यायाधीश सजा का आदेश पारित करते समय अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में गंभीर असंगति पर विचार करने में और अभियोजन पक्ष अपीलकर्ताओं के खिलाफ अपने मामले को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा था।

अदालत ने कहा, अपीलकर्ताओं का यह तर्क कि बचाव पक्ष के गवाह पेश किए जाने के बाद भी उनकी दलील पर विचार नहीं किया गया, निराधार है क्योंकि एक बार जब घटना चश्मदीदों द्वारा साबित हो जाती है और बचाव पक्ष गवाहों की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठा सकता है।
गौरतलब है कि अगस्त 1996 में तत्कालीन इलाहाबाद के सिविल लाइंस इलाके में तत्कालीन सपा विधायक जवाहर यादव को एके-47 से गोलियों से छलनी कर दिया गया था। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के 23 साल बाद 31 अक्टूबर 2019 को जिला अदालत ने पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, सूरजभान करवरिया को मामले में दोषी करार दिया था।



