संघ संरक्षक फूलचंद महाराज जैन समाज को दिशा दिखाने वाले थे – प्रवर्तक आशीष मुनि
जैन स्थानक मंडी बड़ौत में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए प्रवर्तक आशीष मुनि महाराज ने कहा की इस संसार में प्रतिदिन लाखों- लाखों बच्चे जन्म लेते हैं।

बड़ौत। जैन स्थानक मंडी बड़ौत में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए प्रवर्तक आशीष मुनि महाराज ने कहा की इस संसार में प्रतिदिन लाखों- लाखों बच्चे जन्म लेते हैं। उन बच्चों को यदि एक जगह पर एकत्रित किया जाए तो एक विशाल नगर को बसाया जा सकता है। वह जन्म लेने वाले बच्चों में कोई हिंसा जन्य कार्य में लगते हैं, कोई दुराचार -पापाचार आदि में पड़कर स्व पर जीवन का विनाश करते हैं। उनमें से पूजनीय,वंदनीय श्रद्धास्पद कोई- कोई विरल विभूति ही हो पता है। अरिष्ट नेमिनाथ भगवान एवं वासुदेव कृष्ण के वंशज यादव परिवार में जन्म लेने वाले श्री फूलचंद जी महाराज अपने पिता का अनुसरण करते हुए मुनि जीवन में दीक्षित हो कर विद्वत्ता हासिल कर
जनमानस को सेवा,सहानुभूति,दया, करुणा, आदि मानवीय गुना के इंसानियत का पाठ पढ़ाने वाले बने 1947 में देश विभाजन के समय रावलपिंडी से समाज को सुरक्षित निकालकर जैन नगर मेरठ में बसाने का गुरुत्व कार्य किया। ऐसे समाज के मसीहा संघ संरक्षक श्री फूलचंद जी महाराज की दीक्षा जयंती के पावन प्रसंग पर उत्तर भारत प्रवर्तक से आशीष मुनि महाराज, तत्व चिंतक श्री उत्तम मुनि महाराज,श्री भरत मुनि की महाराज, साध्वी श्री वृद्धि जी महाराज ने अपने मनोगत भाव रखें।

इस अवसर पर लुधियाना, दिल्ली आदि क्षेत्रों से श्रद्धालु भाई-बहन दर्शनार्थ पधारे थे। अंत में डॉ. अमित राय जैन ने संघ संरक्षक श्री फूलचंद महाराज साहब के जीवन पर प्रकाश डाला तथा विभिन्न सूचनाये दी।


