श्री राम कथा आयोजन में महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा

गढ़ी पुख़्ता। कस्बे में डॉक्टर श्रीनिवास बागड़ी के आवास पर श्री राम कथा का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वप्रथम सुबह कलश शोभायात्रा निकाली गई जिसमें सभी महिलाओं ने मंगल कलश यात्रा में भाग लिया। यह कलश यात्रा प्राचीन शिव मंदिर से शुरू होकर कस्बे के मुख्य मार्गो व मैन बाजार से होते हुए डॉक्टर श्रीनिवास बागड़ी के आवास पर पहुंची। डॉक्टर श्रीनिवास बागड़ी ने शिरोधार्य करके समाज को संदेश दिया कि श्रीरामचरितमानस हमारी संस्कृति का राजमुकुट है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कस्बे में राम कथा का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम दिन रात्रि कालीन मै श्री राम कथा का शुभारंभ व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर, मास्टर नरेश सैनी राष्ट्रीय अध्यक्ष सैनी समाज ने श्रीराम कथा का पन्ना पलट शुभारंभ किया। कथावाचक महाराज राकेश उपाध्याय ने कहा जीवन क्या है कैसे जिये जाए यह सब कुछ श्री राम चरित मानस हमें मार्ग दिखाता है। श्री रामचरितमानस की कथा केवल कथा नहीं है यह जीवन के दर्शन हैं राम कथा जिसके भी जीवन में उतर जाती हैं या कोई उतार लेता है तुरंत उसका संस्कार परिवर्तन हो जाता है। श्री राम जी ने धरा धाम पर आकर मानव मात्र को जीना सिखाया है। महाराज राकेश उपाध्याय ने राम का अर्थ बताते हुए कहा रा शब्द का अर्थ राष्ट्र एवं म शब्द का अर्थ मंगल है इस प्रकार से राम का अर्थ हुआ राष्ट्र मंगल। राम इस सृष्टि के महामानव है कि युग बीत रहे फिर राम कथा नित नई दिखती है। ऐसा लगता ही नहीं यह त्रेता युग की कथा है। इस दौरान डॉ श्रीनिवास बागड़ी, लाला नरेंद्र गोयल, नरोत्तम, टेकचंद, मुकेश, प्रदीप संगल ,ललित संगल, मास्टर राजबीर सैनी, अंकुज चौधरी, डॉक्टर संदीप बागड़ी, मंगता कश्यप, राजबाला, सुशीला, कुसुम बागड़ी महिला मंडल के अध्यक्ष आदि सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।




