मुजफ्फरनगर शामली

शामली में नकली पनीर फैक्ट्री का भंडाफोड़: सहारनपुर की टीम ने मारा छापा, स्थानीय खाद्य विभाग की निष्ठा पर उठे सवाल

शामली। शहर के इंडस्ट्रियल एरिया कंडैला में रसायनों के जरिए जहर परोसने वाली एक अवैध पनीर फैक्ट्री का सहारनपुर से आई खाद्य विभाग की टीम ने भंडाफोड़ किया है। मंडलीय मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वी.के. राठी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने न केवल मिलावटखोरों, बल्कि शामली के स्थानीय खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

केमिकल से बन रहा था पनीर छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से तीन कुंतल नकली दूध और भारी मात्रा में जीरा व सादा पनीर बरामद किया गया। मौके से माल्टो डेस्ट्रिन पाउडर, ग्लूकोनो डेल्टा लैक्टोन और सफेद क्रिस्टल जैसे हानिकारक रसायन मिले हैं, जिनका उपयोग पनीर को ‘सफेद और ताजा’ दिखाने के लिए किया जा रहा था। टीम ने नमूने लेकर प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

लाइसेंस रद्द, फिर भी बेखौफ धंधा हैरानी की बात यह है कि राजीव अग्रवाल नामक व्यक्ति द्वारा संचालित इस फैक्ट्री का लाइसेंस छह माह पूर्व ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद, घनी आबादी वाले क्षेत्र में लंबे समय से यह अवैध धंधा धड़ल्ले से चल रहा था और शामली के बाजारों में जहरीला पनीर सप्लाई किया जा रहा था।

स्थानीय विभाग की ‘कुंभकर्णी’ नींद पर सवाल सहारनपुर की टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई ने स्थानीय अधिकारियों की भूमिका को कटघरे में खड़ा कर दिया है। चर्चा है कि क्या स्थानीय विभाग को वाकई इस बड़ी फैक्ट्री की भनक नहीं थी, या फिर ‘सिक्कों की खनक’ ने अधिकारियों की आँखों पर पट्टी बांध रखी थी? जनता के स्वास्थ्य से हो रहे इस खिलवाड़ ने प्रशासन की साख पर बट्टा लगा दिया है।

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