शामली: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आदमपुर में जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों ने ली शपथ

शामली। जनपद शामली में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ राष्ट्रीय अभियान के तहत गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। इसी श्रृंखला में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ग्राम पंचायत आदमपुर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय के लोगों और सेवा प्रदाताओं को बाल विवाह के कानूनी व सामाजिक परिणामों के प्रति सचेत करना रहा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुशफेकीन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान श्रीमती नीतू ने की। कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान ने उपस्थित ग्रामीणों और समुदाय के लोगों को बाल विवाह के विरुद्ध एकजुट होने और इसे रोकने के लिए शपथ दिलाई। अधिकारियों ने बताया कि यह विशेष अभियान 27 नवंबर 2025 से शुरू होकर 8 मार्च 2026 तक संचालित किया जा रहा है, ताकि जनपद को इस कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त कराया जा सके।

महिला कल्याण विभाग से आए विशेषज्ञों रतन सिंह, पारुल चौधरी, किरन देवी और कुलदीप शर्मा ने कानूनी पहलुओं पर जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह पूर्णतः गैर-कानूनी है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को रोकता है, बल्कि इसके दोषियों के लिए दो वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बाल विवाह कराने वाले पंडित, मौलवी, टेंट वाले, बैंड पार्टी और यहां तक कि बारातियों के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।

इस अवसर पर सरकार द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया। आमजन से अपील की गई कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना या आशंका हो, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1098, 112 या 181 पर सूचित करें। कार्यक्रम के समापन पर पंचायत सहायक रिया शर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों सहित बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने समाज को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया।



