शहीदों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देगा कृषक इण्टर कालिज मवाना: देवेन्द्र कुमार
कक्षा 6 से कक्षा 12 तक देश के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश देते हुए निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी।

मवाना (संवादाता आरके विश्वकर्मा)। राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत प्रधानाचार्य देवेन्द्र कुमार ने बताया कि विद्यालय के हिन्दी व अंग्रेजी माध्यम में कक्षा 6 से कक्षा 12 तक देश के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश देते हुए निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। जिसने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है उसके परिवार के लिए हम जो भी कर सकते हैं वह नाकाफी है। यह एक नई और सकारात्मक पहल है। देश के किसी भी कोने में शहीद परिवार का बच्चा यदि उनके स्कूल में दाखिला लेता है तो उसकी पढ़ाई निःशुल्क होगी। इस योजना का लाभ दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य जनपदों/प्रदेश के शहीद परिवार भी उठा सकते हैं। यह पहल इसी सत्र से हुई है। हालांकि वह बहुत ज्यादा प्रचार-प्रसार इस योजना का नहीं कर सके हैं लेकिन ऑनलाइन स्कूल की वेबसाइट पर भी इस सूचना को अपलोड कर दिया है। स्कूल के वर्तमान छात्र छात्राओं के अभिभावकों को भी इस संबंध में मैसेज भेजा गया है ताकि उनका कोई परिचित हो तो इस बात की जानकारी वह दे सकें। इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्र को गत सत्र का अंकपत्र, स्थानान्तरण प्रमाणपत्र (दूसरे जिले अथवा दूसरे प्रदेश के लिए काउण्टर साइन अनिवार्य), आधार कार्ड की छायाप्रति, 2 पासपोर्ट साइज फोटो व शहीद का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना होगा। वर्तमान में कृषक इण्टर कालिज परिसर में स्थित एनसीसी बटालियन मुख्यालय में 2 कर्नल रैंक के सेना अधिकारी सहित 20 से अधिक सैन्यकर्मी 24 घण्टे उपलब्ध रहते हैं जिनको विद्यालय द्वारा हर सम्भव सहयोग प्रदान किया जाता है। देश के रक्षकों की सेवा भी अप्रत्यक्ष रूप से देश सेवा का एक सरल माध्यम है।


