शहर में बढ़ रहा गंदगी का अंबार और डेंगू, मंत्रियों की नाराजगी को भी गंभीरता से नहीं ले रहे अफसर
प्रभारी मंत्री ने किया शहर का निरीक्षण, सड़कें और सफाई व्यवस्था को देखा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश। एक दिन पहले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी गंदगी को देखकर हुए थे नाराज।

ग्वालियर। मध्य प्रदेश का ग्वालियर शहर स्वच्छता की श्रेणी में पिछड़ने के बाद भी नगर प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। आलम ये है कि, सड़कों पर यहां वहां कचरा और गंदगी का अंबार है तो वहीं, शहर में इसी गंदगी के कारण डेंगू भी तेजी से पांव पसार रहा है। फिर भी ग्वालियर नगर निगम नींद से नहीं जाग पा रहा है। हद तो तब हो गई, जब यहां शिवराज सरकार के मंत्री लगातार सड़कों पर उतरकर नालियों और सड़क किनारे पड़े कचरे को देखकर नाराज हो रहे हैं, आवश्यक दिशा – निर्देश भी दे रहे हैं। बावजूद इसके अधिकारी मानों इन निर्देशों को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल रहे हैं।

एक दिन पहले ही शहर के विधायक और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शहर के कई गली मोहल्लों में पैदल चलकर नालियों और सड़कों जायजा लिया था। उस दौरान शहर में बढ़ती गंदगी पर मंत्री तोमर ने नाराजगी जताते हुए लोगों की गंदगी से जुड़ी शिकायतों का निराकरण करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये थे। इसके बाद आज 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर शहर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट भी सुबह – सुबह शहर का भ्रमण करने निकले। मंत्री सिलावट का फोकस भी शहर की सफाई व्यवस्था पर ही था। उन्होंने भी यहां सड़कों पर पैदल चलकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। हैरानी की बात तो ये है कि, प्रदेश के लिए इतने महत्वपूर्ण दिन पर भी कई जगहों पर गंदगी देखने को मिली। इंसपर मंत्री सिलावट ने अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।



