राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के सहयोग से उर्दू नॉवेल का अदबी तहजीबी और सियासी पश मन्ज़र पर सेमिनार


मुजफ्फरनगर। (मो सुहैल) राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद नई दिल्ली के सहयोग से एक रोज़ा सेमिनार होली लैंड पब्लिक स्कूल समिति के द्वारा ” उर्दू नॉवेल का अदबी तहजीबी और सियासी पश मन्ज़र” के उन्वान पर होटल गोल्डन इन मेरठ रोड मुज़फ्फरनगर मे आयोजित किया गया।

जिसमे मुख्य अतिथि राजेश कुमार जिला कार्यक्रम अधिकारी रहे। सेमिनार मे उन्वान पर बोलते हुए उर्दू रोजनामा सहारा अखबार के नामा निगार जनाब अज़ीज़ उर रहमान ने कहा की उर्दू नॉवेल एक फैली हुई बड़ी तस्वीर है जिसमे मुक़रर जगह की वाज़े करने के लिये जिन्दगी के किरदार मुख्तलिफ़ ज़मातो के साथ रहकर मुख्तलिफ पहलुओ से दिखाए जाते है। सेमिनार को खिताब करते हुए जनाब डॉ सदाक़त देवबंदी ने कहा की इंग्लिशतान की एक अदबीया नॉवेल अदब की यू तारीफ करती है नॉवेल उस ज़माने की जिन्दगी और समाज़ की सच्ची तस्वीर है जिस जमाने मे वो लिखे जाएं।सेमिनार मे अवार्ड याफ्ता जनाब तनवीर गौहर ने कहा नॉवेल वो सनफ है जिसमे हक़ीक़ी जिन्दगी को पेश किया जाता है उर्दू मे नॉवेल को एक खास मक़ाम हासिल है।यह सनफ अदब बराए जिन्दगी की तर्जुमानी करती है। ।सेमिनार मे जनाब शाहिद हुसैनी ने अपने खिताब मे कहा उर्दू नॉवेल निगार सिर्फ तखील मे परवाज़ नही करता है उसके किस्से की बुनियाद रोज़ मर्रा की जिन्दगी होती है बीसवीसदी मे जो नॉवेल तख्लीक़ हुए उन नोवेलो की तख्लीक़ करने के पीछे नॉवेल निगारो का क्या रुझान रहा क्या नजरियात रहे उर्दू नॉवेल को किस तरह मुतास्सिर किया इन तमाम नजरियात की रोशनी मे हम उर्दू के नोवेलो का ज़ायज़ा लेते है।सेमिनार मे राजेश कुमार ,क्लीम त्यागी मुफ्ती जीशान युसुफ क़ासमी ,महफ़ूज उर रहमान क़ासमी , सलीम अहमद आदि वक्ताओ ने भी उपरोक्त उन्वान पर अपने अपने खयालातों का इज़्हार किया । सेमिनार की सदारत जनाब नईम शाह ने की व निज़ामत अल्ताफ मसल ने की ।अन्त मे संस्था के सचिव जनाब रिजवान ने सभी मेहमानो का शुक्रिया अदा किया।




