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रमज़ान के तीसरे जुमे की नमाज़ अदायगी पर देश के अमनोअमान को उठे लाखों हाथ

अकीदतमंदों ने पवित्र रमजान माह के तीसरे जुमे की नमाज़ अदा कर देश में खुशहाली व अमनोअमान की दुआऐं मांगी।

बेहट/सहारनपुर। अकीदतमंदों ने पवित्र रमजान माह के तीसरे जुमे की नमाज़ अदा कर देश में खुशहाली व अमनोअमान की दुआऐं मांगी। बेहट कस्बे की जामा मस्जिद में ब्यान करते हुए बेहट जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना राशिद जमाल कासमी ने कहा कि मुकद्दस रमजान माह तमाम महीनों का सरदार तो है ही साथ ही इस महीने में अल्लाह तआला अपने बंदों की हर नेकी के बदले में इजाफा कर देते हैं। तकरीर करते हुए कहा कि अल्लाह अपने बंदों को खास नियामतों से नवाज़ता है। रमजान के फजीलतों का बयान करते हुए बेहट जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा है कि हर इबादत और नेक अमल का सवाब बढ़ा दिया जाता है। बंदा-ए-मोमिन कि हर नेकी के बदले में इजाफा हो जाता है। उन्होंने कहा कि रमजान माह में तीन हिस्से है और हर हिस्से का नाम दिया गया है। पहले हिस्से को जो दस दिन का है उसे रहमत कहा जाता है।

दूसरा हिस्सा जो रमजान की ग्यारह तारीख से बीस रमजान तक होता है उसे मगफिरत कहा जाता है और तीसरा हिस्सा इक्कीस रमजान से शुरू होकर तीस रमजान को खत्म होता है उसे जहन्नुम से आजादी का हिस्सा कहा जाता है यानी रमजान महीने में अल्लाह अपने बंदों पर रहमत और जहन्नुम से आजादी के दरवाजे खोल देता है। मौलाना ने कहा कि यह सब चीजे रोजा रखने वालों को मिलती हैं जो अल्लाह की नजदीकी पाने के लिए, उसे खुश रखने के लिए रोजा रखते हैं। यदि कोई रोजा नहीं रखता और जानबूझकर ऐसा करता है तो वो खुदा से बगावत का ऐलान करता है, अल्लाह ऐसे बागियों को सजा देता है। नमाज के बाद मौलाना ने अमन और शान्ति की दुआ भी कराई। सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिदों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। बेहट क्षेत्र कि सभी मस्जिदों में जुमे कि नमाज़ अमन और शान्ति के साथ अदा की गई। जिसमें शाही इमाम मौलाना राशिद जमाल ने जामा मस्जिद मंे, बस स्टैंड वाली मस्जिद में मुफ्ती असजद अली ने, मनिहारान मस्जिद में मुफ्ती तकीउल्लाह, मदरसा कसरुल उलूम में काजी साजिद ने नमाज़ अदा करायी।

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