
बड़ौत। तहसील क्षेत्र के यमुना नदी में अधिक पानी से कटान होने पर जागौश गांव के किसानों की खेतों में खड़ी गन्ने की फसल यमुना नदी में बह गई जिसमें किसानों का लाखों रुपए नुकसान हो गया है। किसानों के सामने भारी संकट पैदा हो गया है किसान अपना दुखड़ा किसके सामने रोएं क्योंकि अधिकारी यमुना नदी पर आकर घूमकर चले जाते हैं ।गांव में आयोजित बैठक भी नहीं करते केवल खानापूर्ति कर के फोटो खींच कर चले जाते हैं गांव के लोगों ने गांव में अधिकारियों की बैठक कराने की मांग डी एम जितेंद्र प्रताप सिंह से की है।। जागौश गांव के किसानों की गन्ने की फसल यमुना नदी में बह गई सुरेश शर्मा मुरारी की लगभग 30बीघा अनिल शर्मा विशंभर 10 बीघा गन्ने की फसल सुधीर सुरेश 5 बीघा गंगा चरण त्यागी 10 बीघा विकास सुरेश 5 बीघा लव-कुश सुरेश ढाई बीघा दयानंद त्यागी 17 बीघा इंदरजीत त्यागी 7 बीघा विमला रामदत्त 15 बीघा बालेश्वर त्यागी आदेश बिन्नू 15 बीघा पूर्व प्रधान राजू त्यागी 10 बीघा अनिल त्यागी 5 बीघा बॉर्बी सुकर्मपाल 5 बीघा जगदीश शर्मा 8 बीघा गन्ने की खड़ी फसल अधिक कटान होने से यमुना नदी में बह गई हजारों की संख्या में पेड़ पौधे लौकी हरी मिर्च बैंगन करेला गेंदा के फूल के अलावा काफी संख्या में खादर क्षेत्र में किसानों द्वारा उगाई जा रही सभी सब्जियां यमुना नदी के जलस्तर के साथ बह गई।




