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मेरठ का यह वाटर पार्क किया गया सील, किशोर की डूबने से हो गई थी मौत

किशोर की मौत का कारण बनने वाले कंकरखेड़ा के जेवरी गांव स्थित डम डम डिगा डिगा वाटर पार्क को आखिरकार शुक्रवार को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी और पुलिस की संयुक्त टीम ने सील कर दिया।

मेरठ। एक किशोर की मौत का कारण बनने वाले कंकरखेड़ा के जेवरी गांव स्थित डम डम डिगा डिगा वाटर पार्क को आखिरकार शुक्रवार को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी और पुलिस की संयुक्त टीम ने सील कर दिया। यह सील मृत्यु के मामले की जांच पूरी होने तक लगी रहेगी। इस स्वीमिंग पूल को मामला खत्म होने तक एनओसी भी न देने का निर्णय लिया गया है।

तरणताल और जिम के विरुद्ध सख्त कार्रवाई को देखते हुए सात स्वीमिंग पूल संचालकों ने एनओसी के लिए आवेदन भी कर दिया है। जबकि शहर और जनपद की सीमा में 320 से ज्यादा स्वीमिंग पूल और 850 से ज्यादा जिम संचालित हैं। गंभीर बात यह है कि इनमें से किसी ने भी अभी तक वार्षिक एनओसी प्राप्त नहीं की है। यानि इन सभी का अभी तक अवैध रूप से संचालन किया जा रहा है।

कंकरखेड़ा के जेवरी गांव स्थित डम डम डिगा डिगा वाटर पार्क में 27 मई को शास्त्रीनगर निवासी किशोर की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद घटना का कारण बने वाटर पार्क और स्वीमिंग पूल पर किसी भी स्तर से कार्रवाई नहीं की गई। केवल थाना पुलिस ने जांच करके जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी थी। जिसमें घटना के लिए स्वीमिंग पूल की अव्यवस्था और लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए उसे बंद कराने की संस्तुति की गई थी। उक्त रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को जिलाधिकारी ने उक्त वाटर पार्क को बंद करने का आदेश दिया था।

एडीएम सिटी को उन्होंने जिम्मेदारी दी थी। एडीएम सिटी दिवाकर सिंह ने जिला खेल प्रोत्साहन समिति के सचिव क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी गदाधर बारीकी को उक्त आदेश का पालन करने का निर्देश दिया था। शुक्रवार को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी गदाधर बारीकी और कंकरखेड़ा थाना पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से पहुंचकर डम डम डिगा डिगा वाटर पार्क को सील कर दिया। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि जांच होने तक यह स्वीमिंग पूल सील रहेगा। जब तक इसे क्लीन चिट नहीं मिल जाती है तब तक उसे विभाग एनओसी भी नहीं देगा।

नियमानुसार प्रत्येक स्वीमिंग पूल और जिम को प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए शुल्क जमा करके एनओसी प्राप्त करनी होती है। यह एनओसी मानकों को पूरा किया जाने के बाद निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करके जारी की जाती है। जनपद में 320 से ज्यादा स्वीमिंग पूल और लगभग 850 जिम संचालित हो रहे हैं लेकिन इस वर्ष अभी तक इनमें से एक ने भी एनओसी प्राप्त नहीं की है। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद जिला खेल प्रोत्साहन समिति के सचिव ने नोटिस जारी करके सभी को एनओसी प्राप्त करने की चेतावनी दी थी। उसका असर भी शुक्रवार को देखने को मिला। सात स्वीमिंग पूल के संचालकों ने एनओसी के लिए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के कार्यालय में आवेदन किया है।

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