मुजफ्फरनगर

मुजफ्फरनगर में शोभायात्रा रोकने का विवाद तूल पकड़ने लगा, कार्यकर्ताओं में गहरा रोष

मुजफ्फरनगर। श्रीराम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाली भगवान श्रीराम की शोभायात्रा को रोकने के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक मंच पर उबाल पैदा कर दिया है। जय समता पार्टी के प्रस्तावित शोभायात्रा पर रोक लगाए जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा रोष देखा गया।

जय समता पार्टी द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमन बंसल ने इस पूरे मामले में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सत्ता के दबाव में आकर धार्मिक शोभायात्रा को रोका गया, जो कि संविधान प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है। अमन बंसल ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है और शांतिपूर्ण ढंग से कोई भी धार्मिक शोभायात्रा निकाली जा सकती है।

अमन बंसल ने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में चूर जनप्रतिनिधि संविधान से ऊपर खुद को समझने लगे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि वे इस मामले को न्यायालय तक ले जाएंगे और कोर्ट के कटघरे में यह पूछा जाएगा कि आखिर किस आधार पर शोभायात्रा को रोका गया। शोभायात्रा का मार्ग शिव मंदिर बिलासपुर से प्रारंभ होकर कुकड़ा ब्लॉक, बालाजी चौक नई मंडी, विश्वकर्मा चौक, भोपा अड्डा, ग्राउंड प्लाजा, द्वारिकापुरी, हनुमान चौक, गांधी कॉलोनी, सरवट फाटक, पीर रोड, कच्ची सड़क, अहिल्याबाई चौक, शिव चौक, मीनाक्षी चौक, महावीर चौक, जानसठ पुल, जानसठ बस स्टैंड और अलमासपुर होते हुए शिव मंदिर शेरनगर में संपन्न होनी थी।

प्रशासनिक अनुमति को चौकी प्रभारी ने ठेंगा दिखाया

शोभायात्रा को जिला प्रशासन द्वारा अनुमति दिए जाने के बावजूद टीपी नगर चौकी प्रभारी द्वारा आदेशों की अवहेलना करने का मामला सामने आया। अमन बंसल ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी ने मनमानी करते हुए शोभायात्रा निकालने से इंकार किया और आयोजन पर चालानी कार्रवाई की धमकी दी। उन्होंने इसे प्रशासनिक तानाशाही और सत्ता के नशे में चूर सिस्टम की शर्मनाक मिसाल बताया।

अमन बंसल ने कहा कि जब जिला स्तर के अधिकारी अनुमति दे चुके हैं, तब किसी चौकी प्रभारी का अपने स्तर पर आदेश पलटना कानून और शासन दोनों की अवहेलना है। उन्होंने चेताया कि जनभावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को इसका जवाब जनता देगी। अमन बंसल ने दोषी चौकी प्रभारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि सत्ता का यह घमंड ज्यादा दिन नहीं चलेगा और वर्ष 2027 के चुनाव में जनता ऐसे अहंकारी रवैये का हिसाब चुकता करेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button