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मुजफ्फरनगर में आठ लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में बहस पूरी, जानें कब आएगा फैसला

बड़कली सामूहिक हत्याकांड में फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की पूरी हो गई। बचाव पक्ष की ओर से करीब एक साल से अदालत में बहस चल रही थी।

मुजफ्फरनगर। बड़कली सामूहिक हत्याकांड में फैसले की घड़ी नजदीक आ गई है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की पूरी हो गई। बचाव पक्ष की ओर से करीब एक साल से अदालत में बहस चल रही थी। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट नंबर-2 छोटे लाल यादव ने लिखित बहस के लिए 15 जून नियत की है। इसके बाद मुकदमे में निर्णय की तारीख लग जाएगी।

जिले में 11 साल पहले सड़क हादसा दर्शाकर रोहाना गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह और उनके परिवार के तीन बच्चों समेत आठ लोगों की हत्या कर दी गई थी। चर्चित मामले में कुख्यात अपराधी विक्की त्यागी एवं उसकी पत्नी मीनू समेत 20 आरोपियों के खिलाफ साजिशन हत्या का मुकदमा कायम हुआ था। सत्र परीक्षण के दौरान विक्की और दो आरोपियों की मौत हो चुकी है। किशोर होने के कारण एक आरोपी की फाइल अलग चल रही है।

केस में गवाही पूरी होने के बाद एक वर्ष से बचाव पक्ष की बहस चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने तीन दिन में बहस पूरी कर दी। अदालत ने दोनों पक्षों को लिखित बहस के लिए अंतिम अवसर देते हुए 15 जून सुनवाई के लिए नियत कर दी।

11 जुलाई, 2011 को रोहाना मार्ग स्थित बड़कली मोड़ पर पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह की कार में ट्रक की टक्कर से तीन मासूम बच्चों समेत परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई थी। साजिशन हत्याकांड में शहर कोतवाली में वादी ब्रजवीर सिंह ने चरथावल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रहे कुख्यात विक्रांत त्यागी उर्फ विक्की, उसकी पत्नी मीनू त्यागी समेत 20 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

चर्चित मामले की अदालत में सुनवाई के दौरान विक्की की कोर्ट रूम में हत्या कर दी गई थी। आरोपी सुशील शुक्ला और उपेंद्र की भी मौत हो चुकी है। किशोर होने की वजह से एक आरोपी की पत्रावलियां अलग कर दी गई थी।

पुलिस जांच में भीषण हादसा कारित करने के बाद साजिशन हत्या का मामला सामने आया था। जिसमें एक परिवार के उदयवीर सिंह पूर्व चेयरमैन रोहाना गन्ना समिति, गौरव वीर पुत्र ब्रजवीर, समरवीर और श्यामवीर पुत्र उदयवीर, कल्पना पत्नी गौरव वीर, दक्ष (06) पुत्र समरवीर, प्रणव (04) पुत्र गौरव वीर, वंश (02) पुत्र गौरव वीर की मृत्यु हो गई थी।

फिलहाल मीनू त्यागी, ममता, अनिल, शुभम, लोकेश, प्रमोद, मनोज, मोहित, धर्मेंद्र, रविंद्र, विनोद, विदित, बबलू, बोबी उर्फ विनीत शर्मा, बॉबी उर्फ विनीत त्यागी एवं हरवीर के खिलाफ कोर्ट में केस विचाराधीन है।

मीनू त्यागी 19 अगस्त 2011 जेल में बंद है। पहले तीन बार जमानत याचिका दाखिल करने के बाद उन्हे राहत नहीं मिल पाई। चौथी बार जमानत प्रार्थना पत्र हाईकोर्ट में दाखिल किया। लेकिन मीनू के खिलाफ 18 आपराधिक मुकदमें संगीन धाराओं में दर्ज है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए पांच जुलाई नियत कर दी । इस मामले में मीनू को छोडकऱ सभी आरोपी जमानत पर है।

वादी ब्रजवीर की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल जिंदल ने अपर सत्र न्यायालय में हाईकोर्ट का आदेश दाखिल किया। हाईकोर्ट ने बचाव पक्ष की बहस 15 जून से पहले बहस पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही नियत तिथियों पर किसी अभियुक्त के गैर हाजिर होने पर स्थगन प्रार्थना पत्र पर विचार नहीं किए जाने के लिए आदेशित किया। जमानत की शर्तों के आधार पर सत्र न्यायालय उनके जमानत बांड निरस्त कर सकता है। हाईकोर्ट ने मीनू की जमानत अर्जी पर सुनवाई से पहले सत्र न्यायालय से केस स्टेटस तलब किया है।

 

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