मुंबई मिलन: अखिलेश यादव और सलमान खान की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी तपिश

मुंबई/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के साथ हुई मुलाकात इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई है। रविवार, 15 मार्च 2026 को मुंबई दौरे पर रहे अखिलेश यादव ने सलमान खान के निवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। सपा प्रमुख ने इस मुलाकात की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे ‘मुंबई मिलन’ का नाम दिया है।
सलीम खान की सेहत का जाना हाल

अखिलेश यादव ने सलमान खान के घर पहुंचकर उनके पिता और दिग्गज पटकथा लेखक सलीम खान की सेहत के बारे में जानकारी ली। बताया जा रहा है कि सलीम खान पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ हैं और अस्पताल में भर्ती रहे हैं। हालांकि, रविवार को अखिलेश यादव की मुलाकात सीधे सलीम खान से नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने सलमान से उनके पिता के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

मुलाकात के पीछे का सियासी एजेंडा
अखिलेश यादव रविवार को मुंबई में आयोजित ‘क्रिएटिव इकॉनमी समिट’ और ‘विजन इंडिया’ कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कई फिल्मी हस्तियों से भी मुलाकात की। हालांकि, सलमान खान के साथ उनकी तस्वीर वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके निहितार्थ निकाले जाने लगे हैं।
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गठबंधन का ऐलान: मुंबई दौरे के दौरान ही अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।
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बॉलीवुड का प्रभाव: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के बाहर अपनी पैठ मजबूत करने और युवाओं के बीच अपनी छवि को निखारने के लिए अखिलेश यादव बॉलीवुड के बड़े चेहरों के साथ संपर्क बढ़ा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हलचल
जैसे ही अखिलेश यादव ने सलमान खान के साथ तस्वीर पोस्ट की, प्रशंसकों और राजनीतिक समर्थकों के बीच टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। प्रशंसकों ने इसे ‘दो सुपरस्टार्स का मिलन’ बताया, जबकि विरोधियों ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया। फोटो में दोनों एक बड़े आर्टवर्क के सामने मुस्कुराते हुए पोज देते नजर आ रहे हैं।
अखिलेश यादव ने मुंबई प्रवास के दौरान केंद्र सरकार की विदेश नीति और देश में बढ़ती महंगाई, विशेषकर रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है और आने वाले चुनावों में जनता इसका जवाब देगी।



