राज्य

महान विचारक, समाज सुधारक व क्रांतिकारी थे महात्मा ज्योतिबा फुले

गुडग़ांव, 11 अप्रैल (अशोक): सामाजिक क्रांति के जनक कहे जाने वाले
महात्मा ज्योतिबा फुले एक महान विचारक, कार्यकर्ता, समाज सुधारक, लेखक,
दार्शिनक, संपादक और क्रांतिकारी थे। उन्होंने विधवाओं व महिलाओं के
कल्याण के लिए काफी काम किए थे। उन्होंने किसानों की हालत सुधारने और
उनके कल्याण के लिए भी बड़े प्रयास किए थे। कई सामाजिक अवरोध आने के बाद
भी उन्होंने कल्याणकारी कार्यों को करने में किसी तरह की कोई कोताही नहीं
बरती। संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर ने भी संविधान की संरचना कर
हर वर्ग को समान अधिकार दिए। वह प्रसिद्ध राजनेता व प्रतिष्ठित न्यायविद
के रुप में जाने जाते हैं। उक्त बात वरिष्ठ श्रमिक नेता कुलदीप जांघू ने
समाजसुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले ने महिलाओं की शिक्षा के लिए बहुत कार्य
किया था। उन्होंने जहां बाल विवाह का विरोध किया था तो विधवा विवाह के
समर्थक भी रहे। उन्हें ऐसी महिलाओं से बहुत सहानुभूति थी, जो शोषण का
शिकार हुई हो। ऐसी महिलाओं के लिए उनके द्वार सदैव खुले थे। उन्होंने कहा
कि ज्योतिबा फुले व डा. अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके
द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चला जाए, ताकि देश उन्नति व विकास के मार्ग पर
अग्रसर हो सके। उनकी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले ने भी उनके इस काम में
पूरा साथ दिया। छुआछूत मिटाने, जाति व्यवस्था का विरोध, महिलाओं की
मुक्ति जैसे कई क्षेत्रों में सुधार के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि
ज्योतिबा फुले को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके द्वारा दिखाए गए
मार्ग पर चला जाए, ताकि देश उन्नति व विकास के मार्ग पर अग्रसर हो सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button