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ममता के एंटी-एसआईआर धरने पर भाजपा का आरोप, घुसपैठियों को बचाने की कोशिश

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा कोलकाता में शुरू किए गए अनिश्चितकालीन एंटी-स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) धरने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि यह राज्य की मतदाता सूची में अवैध घुसपैठियों को बचाने की एक और कोशिश है।

भाजपा के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से शुक्रवार दोपहर से केंद्रीय कोलकाता के एस्प्लानेड ईस्ट में धरना शुरू किया गया है, लेकिन यह संकेत नहीं दिया गया है कि यह प्रदर्शन कितने समय तक जारी रहेगा। हालांकि धरना मंच के आकार और वहां की गई व्यवस्थाओं को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह कार्यक्रम कुछ समय तक चल सकता है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार सुबह अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से जारी बयान में कहा, “कल धर्मतला में ममता बनर्जी की मौजूदगी में अवैध घुसपैठियों को बचाने के लिए एक नाटक मंचित किया गया।”

उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि राज्य में करोड़ों रुपये के कथित कैश-फॉर-स्कूल जॉब मामले के पीड़ित जब अपनी वास्तविक मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के धरना मंच के पास पहुंचे, तो राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी का रवैया उनके प्रति अलग ही था।

अधिकारि के अनुसार, “जब पश्चिम बंगाल के वंचित सहायक शिक्षक अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर उस मंच के सामने पहुंचे, तो उनकी बात सुनने के बजाय उनसे कहा गया—‘आप यह सब भाजपा के कहने पर कर रहे हैं।’ उनके हाथों में मौजूद पोस्टरों को लेकर उनसे व्यंग्य करते हुए कहा गया कि ‘इन्हें जाकर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दिखाइए।’ यहां तक कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया को भी भाजपा का एजेंट बताया गया।”

इस घटना का उल्लेख करते हुए अधिकारी ने सवाल उठाया कि क्या पश्चिम बंगाल के लोगों को अपनी वैध मांगों को उठाने का अधिकार भी नहीं है।

उन्होंने कहा, “क्या किसी को विरोध करने का थोड़ा भी अधिकार नहीं है? जैसे ही कोई विरोध करता है, उसे किसी न किसी का एजेंट बता दिया जाता है। क्या वंचित सहायक शिक्षकों की आवाज़ को इसी तरह साल-दर-साल दबाया जाएगा?”

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता सब कुछ देख और समझ रही है और उचित समय पर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी को इसका जवाब देगी।

अधिकारी ने कहा, “अन्याय और वंचना का जवाब देने के लिए लोगों को कहना होगा—‘हमें बदलाव चाहिए, हमें भाजपा की सरकार चाहिए।’”

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