‘भारत ने धर्म का पालन किया, अन्याय का बदला भी लिया…’; दिवाली पर देश के नाम पीएम मोदी की चिट्ठी, ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के शुभ अवसर पर देश के नाम एक खत लिखा है। इसमें उन्होंने सबसे पहले देशवासियों को दिवाली की बधाई दी और फिर ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद यह दूसरी दीपावली है।

पीएम मोदी ने लिखा कि ‘भगवान श्री राम हमें धर्म का पालन करना सिखाते हैं और अन्याय से लड़ने की हिम्मत भी देते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हमने कुछ महीने पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, भारत ने न केवल धर्म का पालन किया, बल्कि अन्याय का बदला भी लिया’।

‘इस साल की दिवाली खास है’
पीएम मोदी ने आगे लिखा कि कैसे इस साल की दीपावली इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार देश के कई जिलों में दीप जलाए जाएंगे, जिनमें दूरदराज के इलाके भी शामिल हैं। ये वे जिले हैं जहां नक्सलवाद और माओवादी आतंकवाद का जड़ से सफाया हो चुका है। उन्होंने चिट्ठी के जरिए लिखा कि हाल के दिनों में कई लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर, देश के संविधान पर यकीन रखते हुए विकास की मुख्यधारा में शामिल होते देखा है। उन्होंने इसे ‘देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि’ बताया।
पीएम मोदी ने अपने खत में लिखा कि ‘नवरात्रि के पहले दिन, कम GST दरें लागू की गईं और GST बचत उत्सव में लोग हजारों करोड़ रुपये बचा रहे हैं। भारत स्थिरता और संवेदनशीलता दोनों का प्रतीक बनकर उभरा है’। उन्होंने लिखा कि “हम भविष्य में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर भी अग्रसर हैं। ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के सफर में नागरिकों के रूप में हमारी पहली जिम्मेदारी देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना है”।
‘स्वदेशी अपनाएं और गर्व से कहें’
पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की कि स्वदेशी अपनाएं और गर्व से कहें कि ‘ये स्वदेशी है!’ उन्होंने लोगों से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा देने को कहा और लिखा कि सभी भाषाओं का सम्मान होना चाहिए और स्वच्छता होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपनी सेहत का ख्याल रखने और खाने में तेल का प्रयोग 10% कम करने और योगा करने की अपील की। उन्होंने लिखा कि ये सारी कोशिशें हमें तेजी से ‘विकसित भारत’ की ओर ले जाएंगी।
उन्होंने अंत में लिखा- ‘दिवाली हमें यह भी सिखाती है कि जब एक दीपक दूसरे दीपक को जलाता है, तो उसकी रोशनी कम नहीं होती, बल्कि और बढ़ती है। इसी भावना के साथ, आइए इस दिवाली पर अपने समाज और आस-पास सद्भाव, सहयोग और सकारात्मकता के दीप जलाएं’।



