बैंगलोर भगदड़ में कर्नाटक सरकार ने विराट कोहली को बताया जिम्मेदार, हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट

आईपीएल 2025 का खिताब इस बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार अपने नाम किया था। जिसके बाद बैंगलोर के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आरसीबी की जीत जा जश्न मनाने के लिए एक कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे। वहीं स्टेडियम के बाहर फैंस इतनी ज्यादा संख्या में इकट्ठा हो गए थे, जिसके चलते वहां भगदड़ मची और 11 लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। वहीं अब इसक पूरे मामले की एक रिपोर्ट कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट को सौंपी है, जिसमें सरकार ने विराट कोहली को भी इस भगदड़ का जिम्मेदार बताया है।

कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट
कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में विजय परेड के लिए लोगों को शहर की पुलिस से बिना बातचीत और अनुमति के आमंत्रित किया था। आरसीबी ने पुलिस से बात किए बिना अगले दिन सुबह 7.01 बजे अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर एक फोटो पोस्ट की, जिसमें लोगों के लिए निशुल्क प्रवेश की सूचना दी गई और जनता को विजय परेड में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। सुबह 8 बजे एक और पोस्ट किया गया, जिसमें इस जानकारी को दोहराया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है इसके बाद 4 जून को सुबह 8:55 बजे आरसीबी ने अपने ऑफिशियल हैंडल पर टीम के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली का एक वीडियो क्लिप शेयर किया, जिसमें विराट कोहली ने कहा था कि टीम इस जीत का जश्न 4 जून को बैंगलोर में शहर के लोगों और आरसीबी फैंस के साथ मनाना चाहती है।”
इसको लेकर सरकार का कहना है कि इस वीडियो के बाद 3 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ वहां इकट्ठा हो गई थी। पुलिस इतनी भीड़ पर काबू पाने के लिए तैयार नहीं थी। वहीं कन्फयूजन इस बात को लेकर हुआ जब आयोजकों द्वारा स्टेडियम में जाने के लिए पास की सूचना दी गई थी। इसके अलावा गेट देरी से खोलने के चलते भी हादसा हुआ। सरकार की रिपोर्ट में कहा गया कि आरसीबी की तरफ से विजय परेड की महज सूचना दी गई थी, इसकी कोई अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे प्रोग्राम के लिए कम से कम एक सप्ताह पहले अनुमति ली जाती है।



