
सहारनपुर। विकासखण्ड नागल के ग्राम डीगोली निवासी बीसी सखी सीमा देवी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके मन में इच्छा थी कि वह स्वरोजगार से जुड़कर समाज की सेवा करें। परंतु उचित मार्गदर्शन न मिलने की वजह से वह अपने सपनों को पंख नहीं लगा पाई। जब वह अपना यह सपना घर और परिवार में कहती तो लोग मजाक बनाया करते थे। इस दौरान उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा गठित समूह से जुड़ने का मौका मिला। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा इनके गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गये। जिसमें विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी मिली। कोरोना के दौर में ग्रामीण जनता तक बैंकिंग सुविधाएंे पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजना एक ग्राम पंचायत एक बीसी सखी योजना का शुभारंभ किया गया। जिसमें सीमा देवी ने आवेदन किया और उनके सेलेक्ट होने पर घर से आरसेटी तक चालिस किलोमीटर की दूरी तय कर छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान बीसी सखी के कौशल प्रशिक्षण का लाभ हुआ, विशेषज्ञों द्वारा बेहतर प्रशिक्षण मिला जिससे आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 75000 ऋण के रूप में प्राप्त हुए जिससे इन्होंने बीसी सखी का कार्य शुरू किया। प्रशिक्षण के उपरांत आरसेटी द्वारा समय-समय पर फॉलो अप और मार्गदर्शन किया जाता है। सीमा देवी द्वारा आरसेटी के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं ताकि गांव की अन्य महिलाऐं भी स्वरोजगार से जुड़ सकें। इन्होंने गरीब महिलाओं और बेरोजगार नवयुवकों को स्वरोजगार स्थापना के लिए फार्म भरवाऐ। कार्यक्रम संयोजक अमित कुमार चौबे ने बताया कि सीमा देवी गांव में दिव्यांग और बुजुर्ग ग्रामवासियों को बैंकिंग संबंधी सुविधाएंे घर पर जाकर पहुंचाती हैं और अन्य समस्याएं जैसे पेंशन, बीमा, संबंधी ब्लॉक से जुड़ी होती हैं उसके निराकरण के लिए भी प्रयास करती हैं। घर से बैंक की दूरी अधिक होने पर गांव के लोग परेशान थे अब गांव के अंदर ही बैंकिंग सुविधाएंे प्राप्त हो जाती हैं। विभिन्न कार्यक्रमों में सीमा देवी ने महिलाओं को प्रेरित करने का बीड़ा उठाया। विभिन्न मंचों पर सीमा द्वारा महिलाओं को नारी सशक्तिकरण के लिए प्रेरित करने का मौका मिला और सम्मानित भी की गई।




