मुजफ्फरनगर

बामनहेरी स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती स्मृति दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया

कार्यक्रम में केशवपुरी सेवा केंद्र इंचार्ज राजयोगिनी जयंती दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती 18 वर्ष की कन्या थी लेकिन सभी उनको मम्मा कहते थे।

मुजफ्फरनगर। बामनहेरी स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती स्मृति दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में केशवपुरी सेवा केंद्र इंचार्ज राजयोगिनी जयंती दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती 18 वर्ष की कन्या थी लेकिन सभी उनको मम्मा कहते थे। मम्मा का प्यार दुलार,व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि वह बाबा की शिक्षाओं को प्रत्यक्ष करने में आदर्श नमूना थी। मम्मा की तरह सहनशीलता,मधुरता, नम्रता, सबके प्रति सज्जनता के सभी दैवी गुण हममे भी होने चाहिए। मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की दिव्य बुद्धि बहुत तेज थी । उन्होंने बताया कि मम्मा बाबा के हर डायरेक्शन पर हां जी करती थी मम्मा धारणा मूर्त थी। इसलिए उनकी बातें दिल को लग जाया करती थी। मम्मा की क्लासेस सभी को बहुत पसंद आती थी। मम्मा रोज सुबह 2:30 बजे सवेरे उठकर योग में बैठी थी और 5:00 बजे तक योग करती थी। मम्मा कहती थी हम पुरुषार्थी हैं। गलती होना स्वाभाविक है,लेकिन हमें ध्यान देना है कि गलती दोबारा ना हो। मम्मा कहती थी कि हमें कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए।
कार्यक्रम में मम्मा के प्रति भोग लगाया गया। कार्यक्रम में बीके सरला, विधि,शालिनी राधिका,अंजू, नंदलाल, बालेश्वर, सतीश वर्मा उमंग सिंघल आदि उपस्थित रहे।

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