बहसबाजी से रहे दूर गुरमीत राम रहीम सिंह
पूज्य गुरु जी ने साध-संगत से आह्वान करते हुए फरमाया कि आप को कभी भी किसी बात की चिंता नही करनी चाहिए। आप सोचते है कि हम लोग भलाई कर रहे है और लोग हमें बुरा कहते है। आदमी सिर्फ आदमी है। जैसा वह खुद है, सामने वाले को पक्का वैसा ही बोलेगा
बागपत(विनीत कौशिक)। पूज्य गुरु जी ने साध-संगत से आह्वान करते हुए फरमाया कि आप को कभी भी किसी बात की चिंता नही करनी चाहिए। आप सोचते है कि हम लोग भलाई कर रहे है और लोग हमें बुरा कहते है। आदमी सिर्फ आदमी है। जैसा वह खुद है, सामने वाले को पक्का वैसा ही बोलेगा। अगर कोई आपको कुछ गलत कहें तो हाथ जोड़े और नम्रता से दूर हो जाए। किसी से भी लडऩा-झगडऩा नही है। कोई आपसे बहस कर रहा है तो अच्छा है आप उससे अलग हो जाए। सत्संगी यानी मालिक के प्यारे को कभी भी बहसबाजी में नहीं पडऩा चाहिए। क्योंकि हमारा रास्ता भक्ति का है, हमारा रास्ता राम-नाम का है, हमारा रास्ता है समाज से बुराइयां निकालने का। वहीं पूज्य गुरु जी ने राम-नाम गाने से कभी भी डरना नहीं चाहिए की शिक्षा देते हुए फरमाया कि किसी के कहने से राम-नाम गाना बंद नही करना चाहिए। पूज्य गुरु जी ने कहा कि हमने तो कभी अपने सतगुरु से ऐसा कुछ नहीं सिखा, जिसमें यह हो कि डरकर राम-नाम से पीछे हट जाए। राम-नाम गाते थे, गा रहे है और राम-नाम गाते ही रहेंगे। किसी का दिल ना कभी दुखाया है, ना कभी दुखाते है और ना ही कभी दुखाएंगे। ना कभी किसी को बुरा करने की शिक्षा दी है, ना देते है और ना ही कभी बुरा करने की शिक्षा किसी को देंगे। यह है सच्चा सौदा। पूज्य गुरु जी ने कहा कि यहां तो अगर कोबरा भी आ जाता है तो उसे मारने की बजाए पकड़कर बाहर छोडऩे की शिक्षा दी जाती है। सच्चा सौदा में जीवों का भला करना सिखाया जाता है। इसके अलावा खूनदान, शरीरदान सहित 143 मानवता भलाई के कार्य साध-संगत करती।


