बंकिम चन्द चटर्जी काे यूपी ने किया याद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ट्वीट किया “ महान राष्ट्रवादी चिंतक एवं अद्भुत साहित्यकार, अपनी ओजपूर्ण रचनाओं के द्वारा जनमानस में क्रांति की अखण्ड ज्योति प्रज्वलित करने वाले कालजयी रचनाकार, राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम्' के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन।”
लखनऊ। राष्ट्रीय गीत ‘वंदेमातरम..’ के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय को उनकी 184वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश ने शिद्दत से याद किया और भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ट्वीट किया “ महान राष्ट्रवादी चिंतक एवं अद्भुत साहित्यकार, अपनी ओजपूर्ण रचनाओं के द्वारा जनमानस में क्रांति की अखण्ड ज्योति प्रज्वलित करने वाले कालजयी रचनाकार, राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन।”

जौनपुर जिले के सरांवा गाव में स्थित शहीद लाल बहादुर गुप्त स्मारक पर आज हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपुब्लिकंन आर्मी व् लक्ष्मीबाई ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी एवं वंदे मातरम् गीत के रचयिता बंकिम चन्द चटर्जी की184 वीं जयंती मनायी ।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक मोमबत्ती व् अगरबत्ती जलाया और उनके व्यक्तित्व व् कृतित्व पर प्रकाश डाला। शहीद स्मारक पर उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए लक्ष्मीबाई ब्रिगेड की अध्यक्ष मंजीत कौर ने कहा कि देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका गीतों के माध्यम से निभाने वाले बंकिम चन्द चटर्जी का जन्म 27 जून 1838 में तत्कालीन कलकत्ता एवं अब कोलकाता उत्तर 24 परगना जिले में में हुआ था । सरकारी नौकरी के चलते उन्होंने साहित्य के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने का संकल्प लिया ।
उनका पहला उपन्यास राय मोहन्स वाइफ अंग्रेजी में था । 1872 में मासिक पत्रिका बंग दर्शन का प्रकाशन किया। रविंद्र नाथ टैगोर जैसे लेखक बंग दर्शन में लिखकर ही साहित्य क्षेत्र में आए । उनका सबसे चर्चित उपन्यास आनंद मठ 1882 में प्रकाशित हुआ उन्होंने उस समय आज़ादी की लड़ाई जोश पैदा करने के लिए वंदे मातरम् की रचना की , जो आनंद मठ में लिखा गया है ,जो आज देश का राष्ट्र गीत है । उन्होंने कहा कि यह गीत आज हमारे राष्ट्र का गौरव है ।



