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पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद 10 लाख से अधिक नाम मतदाता सूची से हटने का अनुमान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद निर्वाचन आयोग का अनुमान है कि राज्य की मतदाता सूची से 10 लाख से अधिक नाम हटाए जाएंगे। यह अनुमान दोस्तरीय अधिकारियों द्वारा संकलित और बीएलओ ऐप पर अपलोड किए गए प्रपत्रों के प्रारम्भिक मूल्यांकन के आधार पर लगाया गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि हटाए जाने वाले नामों में मृत मतदाता, दोहरी प्रविष्टियां, अन्य राज्यों में स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाता तथा लापता अथवा अनुपलब्ध मतदाता शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, मृत मतदाताओं की श्रेणी में सबसे अधिक, लगभग छह लाख 50 हज़ार प्रविष्टियां हटाई जाएंगी।

सूत्रों ने कहा कि प्रपत्रों के संकलन और उन्हें बीएलओ ऐप पर अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है, इसलिए सटीक आंकड़ा आयोग द्वारा मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही स्पष्ट होगा। मसौदा सूची नौ दिसम्बर को जारी की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने सोमवार को उन मतदाताओं से अपील की जो अब तक अपने प्रपत्र जमा नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि चार दिसम्बर है और इसे किसी भी स्थिति में बढ़ाया नहीं जाएगा। जो मतदाता निर्धारित तिथि तक प्रपत्र जमा नहीं करेंगे, उनके नाम स्वतः ही मतदाता सूची से हट जाएंगे।

इस बीच, विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान राज्य में अब तक तीन बीएलओ की मौत की रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अग्रवाल ने बताया कि संबंधित जिलाधिकारियों, जो जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी भी हैं, ने विस्तृत प्रतिवेदन आयोग को भेज दिया है। अग्रवाल ने कहा कि बीएलओ इस पूरे पुनरीक्षण अभियान के वास्तविक नायक हैं और उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय है।

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